ताजा खबरें | भारत-अमेरिका शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे: जितिन प्रसाद
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं और दोनों देश एक-दूसरे के बाजार में पहुंच बढ़ाने, आयात शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने तथा आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नयी दिल्ली, 11 मार्च सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं और दोनों देश एक-दूसरे के बाजार में पहुंच बढ़ाने, आयात शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने तथा आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आज की तारीख तक अमेरिका ने भारत पर कोई जवाबी शुल्क नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देश परस्पर लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। दोनों देश एक-दूसरे के बाजार में पहुंच बढ़ाने, शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को बढ़ाने पर जोर देंगे।’’
अमेरिका ने 13 फरवरी को पारस्परिक व्यापार और शुल्कों पर ज्ञापन जारी किया, जिसमें कहा गया है कि वाणिज्य मंत्री और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि अमेरिका को होने वाले नुकसान की जांच करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे तथा प्रत्येक व्यापारिक साझेदार के लिए विस्तृत प्रस्तावित उपायों के साथ एक रिपोर्ट सौपेंगे।
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान, भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय वाणिज्य को दोगुना कर 500 अरब अमेरिकी डॉलर करने तथा 2025 तक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई थी।
वर्ष 2021-24 के दौरान अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा।
प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी और निष्पक्ष तरीके से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और व्यापक बनाने के लिए अमेरिका के साथ जुड़ाव बनाये रखेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक सतत प्रक्रिया है और भारतीय निर्यातक निर्यात की वस्तुओं और निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।’’
एक अलग जवाब में, मंत्री ने कहा कि भारत की शुल्क नीति का उद्देश्य व्यापार को विनियमित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और आयातित और निर्यातित वस्तुओं पर करों के माध्यम से राजस्व जुटाना है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘हालिया सुधारों में शुल्क संरचना को सुव्यवस्थित करने और व्यापार को सुविधाजनक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2025 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

