पिथौरागढ़ (उत्तराखंड), 19 मई सितारों को देखने तथा दुर्लभ हिमालयी पक्षियों की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करने के लिए देशभर के 60 से अधिक वन्यजीव छायाकार हाल ही में चंपावत जिले के खूबसूरत गांव ‘एबॉट माउंट’ में एकत्र हुए।
आयोजकों ने बताया कि 16 से 18 मई तक तीन दिवसीय आयोजन ‘एस्ट्रो वीक’ के दौरान छायाकारों ने रात में अपनी दूरबीनों के माध्यम से तारों को निहारा जबकि दिन में उनके कैमरों ने पक्षी जगत की सुंदरता को अपने कैमरों में कैद किया।
एबॉट माउंट चंपावत के लोहाघाट क्षेत्र में 1,981 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। दुर्लभ हिमालयी पक्षियों का आवास होने के अलावा एबॉट माउंट राजसी हिमालयी शृंखला का मनोरम दृश्य भी प्रस्तुत करता है।
चंपावत के पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने कहा, ‘‘एबॉट माउंट को स्काईगैजिंग और बर्ड-वाचिंग गंतव्य के रूप में एक नई पहचान देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम चंपावत के जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।’’
कार्यक्रम से लौटे पक्षियों पर नजर रखने वाले मोहम्मद आसिफ ने कहा, ‘‘हमने एबॉट माउंट की चोटी पर पाई जाने वाली पहाड़ी तीतर और हिमालयी श्राइक बैबलर जैसी दुर्लभ चिड़ियों के अलावा 40 अन्य पक्षी प्रजातियों की तस्वीरें भी लीं।’’
गौड़ ने कहा कि इस आयोजन में आए 60 प्रकृति प्रेमियों ने इतनी ऊंचाई पर पाए जाने वाले सफेद गले वाले ‘लंपिंग बर्ड’ और ‘स्ट्राइटेड लाफिंग थ्रश’ जैसे पक्षियों की 450 से अधिक प्रजातियों की पहचान भी की।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह कार्यक्रम सर्दियों की शुरुआत में एक बार फिर आयोजित किया जाएगा क्योंकि उस समय एबॉट माउंट से हिमालय की चोटियों का दृश्य बिल्कुल साफ दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम अक्टूबर और नवंबर के महीनों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करें और ऐसा चार या पांच साल से अधिक समय तक होता रहे तो इससे क्षेत्र को पक्षी पर्यटन के केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण पहचान मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में राफ्टिंग और नौकायन जैसी पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।’’
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