देश की खबरें | जीते क्यों, हारे क्यों-यह सब तो सब जानते हैं: गहलोत

जयपुर, दो जून राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को बिना किसी का नाम लिए कहा कि कांग्रेस पार्टी क्यों जीती, क्यों हारी --यह तो सब जानते हैं... अब सब मिलकर दमखम दिखाएं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा था कि कांग्रेस को यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि पार्टी राजस्थान में लगातार दूसरी बार सत्ता में क्यों नहीं आ पाती।

गहलोत ने आज पार्टी के सभी नेताओं एवं पदाधिकारियों से मिलकर दमखम लगाने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव तभी जीत पाएगी जब राजस्थान और छत्तीसगढ़ में उसकी दोबारा सरकारें बनेगी और मध्य प्रदेश में सरकार बनेगी।

वह कांग्रेस पार्टी के पिछले महीने उदयपुर में आयोजित नव संकल्प शिविर में पारित घोषणा पत्र एवं निर्णयों के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए पार्टी द्वारा यहां आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

गहलोत ने अपने संबोधन के आखिर में पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा,‘‘ चिंतन शिविर के फैसलों को लागू करवाने में मदद करें ...आने वाले वक्त में हम और अधिक मजबूती से हम लोग उभर कर आएं, पुन: हमारी सरकार बने। राजस्थान में सरकार बनेगी, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सरकार बने तब जाकर हम 2024 का चुनाव जीत पाएंगे।’’

उन्होंने कहा,‘‘लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव की तैयारी पहले से होनी चाहिए ... हम हारे क्यों, जीते क्यों, वह तो सबको मालूम है। इस बात पर चर्चा करने की आवश्यकता नहीं। मैं इतना कह सकता हूं कि हम सब मिलकर दमखम दिखाएं, राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाएं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक शानदार योजनाएं और कार्यक्रम पेश किए हैं लेकिन पार्टी द्वारा उचित प्रचार होनी चाहिए जैसे कि भाजपा के लोग जमीनी स्तर पर करते हैं। उन्होंने कहा,‘‘हमारे लोग चुप बैठे रहते हैं। अगर हम (उपलब्धियों के बारे में) नहीं बोलेंगे तो लोगों को कैसे पता चलेगा।’’

उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने के बावजूद सरकारें नहीं बनतीं। उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि सरकार का कामकाज और उसकी उपलब्धियां घर-घर तक पहुंचे।

कांग्रेस की स्थिति का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान कि पार्टी का लोगों से संबंध टूट गया है, सभी के लिए आंखें खोलने वाला है और पार्टी के सामने एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें स्वीकार करना चाहिए कि पार्टी का लोगों से संबंध खत्म हो गया है।’’

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान के बयान का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि वह कह रहे थे कि संगठन कमजोर है लेकिन वह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में कह रहे हैं।

राज्य में नौकरशाही के हावी होने संबंधी पार्टी नेताओं के आरोप पर गहलोत ने कहा,‘‘ अधिकारी आपके साथ तभी होते हैं जब उन्हें लगता है कि आप मजबूत हैं। जब अधिकारियों को लगता है कि सरकार जा रही है तो वे मुंह मोड़ लेते हैं।’’

हाल ही में खेल मंत्री अशोक चांदना ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका के व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। इसी तरह पार्टी के विधायक गणेश घोघरा और कुछ अन्य नेताओं ने भी नौकरशाही को लेकर नाराजगी जताई है।

केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग किया जा रहा है।

कांग्रेस का यह सम्मेलन बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)