देश की खबरें | कांग्रेस छोड़ भाजपा में गये एमएलसी को दो साल बाद भी क्यों नहीं अयोग्य घोषित किया गया:उच्च न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के प्रधान सचिव को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा है कि कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के दो साल बाद भी एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को अयोग्य घोषित करने की मांग करने वाली अर्जी पर फैसला क्यों नहीं किया गया है।

जियो

नयी दिल्ली, 13 जून इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के प्रधान सचिव को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा है कि कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के दो साल बाद भी एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को अयोग्य घोषित करने की मांग करने वाली अर्जी पर फैसला क्यों नहीं किया गया है।

यह अर्जी कांग्रेस ने दायर की थी।

यह भी पढ़े | कोरोना वायरस से महाराष्ट्र में 1134 नए मरीज पाए गए, 113 की की मौत: 13 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

सिंह विधानपरिषद की वेबसाइट पर कांग्रेस के एमएलसी के रूप में सूचीबद्ध हैं।

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल की सदस्यता वाली उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य विधानपरिषद के प्रधान सचिव को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

यह भी पढ़े | कोरोना से जंग जारी, पीएम मोदी ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वर्तमान स्थिति की समीक्षा की.

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून के लिये सूचीबद्ध करते हुए प्रतिवादी से यह बताने को भी कहा कि इस तरह के विषयों के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर फैसला क्यों नहीं लिया गया।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता ने उच्च न्यायालय का रुख कर सिंह को अयोग्य घोषित करने के विषय पर उप्र विधानपरिषद अध्यक्ष को चार हफ्तों के अंदर फैसला करने का निर्देश देने की मांग की थी।

याचिकाकर्ता दीपक सिंह के वकील राहुल कौशिक ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने स्पीकर मणिपुर विधानसभा मामले में 21 जनवरी 2020 को निर्देश दिया था कि अयोग्यता याचिका पर स्पीकर द्वारा चार हफ्तों के अंदर फैसला किया जाए। साथ ही, अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले के लिये ये याचिकाएं दायर किये जाने की तारीख से तीन महीनों की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई।’’

रायबरेली से नेता दिनेश प्रताप सिंह छह मार्च 2016 को उप्र विधानपरिषद के लिये कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे।

हालांकि, 2018 में वह भाजपा में शामिल हो गये और कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली सीट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें (सिंह को) शिकस्त का सामना करना पड़ा।

कौशिक ने कहा, ‘‘अयोग्यता याचिका, उप्र विधानपरिषद अध्यक्ष के समक्ष नौ मई 2018 को दायर की गई थी और यह पिछले दो साल से अब तक लंबित है।’’

उन्होंने दलील दी कि सिंह एमएलसी को मिलने वाली सारी सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि संविधान के अनुच्छेद 191 को 10 वीं अनुसूची के साथ जोड़ कर पढ़े जाने पर यह अयोग्यता का एक स्पष्ट मामला बनता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs England 2nd Semi Final Match: 25 हजार में बिक रहा था सेमीफाइनल का टिकट, एक शख्स गिरफ्तार

Australia Women vs India Women Only Test 2026 Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच इकलौता टेस्ट? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

India vs England, T20 World Cup 2026 2nd Semi-Final Match Live Score Update: मुंबई में टीम इंडिया बनाम इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है रोमांचक मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

India vs England, T20 World Cup 2026 2nd Semi-Final Live Toss And Scorecard: मुंबई में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

\