नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारी मात्रा में सस्ते आयात के कारण देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को थोक कीमतों में गिरावट का रुख रहा। गिरावट के आम रुख के बीच सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल- तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल की थोक कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। लेकिन खाद्य तेलों की थोक कीमतों में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार में देखा जाना अभी बाकी है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि अगर राष्ट्रीय राजधानी की एक प्रमुख दुग्ध विक्रेता कंपनी जो सब्जियों एवं खाद्य तेलों की भी बिक्री करती है, के सूरजमुखी, सोयाबीन, सरसों जैसे तेल के दाम का जायजा लें तो उसमें थोक कीमतों में आई गिरावट का उचित असर आता नहीं दिखता। थोक कीमत में आई गिरावट के अनुसार खुदरा बाजार में सूरजमुखी तेल 100 रुपये लीटर से नीचे बिकना चाहिये लेकिन इस प्रमुख कंपनी का तेल 140 रुपये लीटर बिक रहा है। सोयाबीन तेल का भाव भी 100-102 रुपये लीटर होना चाहिये पर उक्त दुग्ध कंपनी का सोयाबीन तेल खुदरा में लगभग 135 रुपये लीटर बिक रहा है। थोक कीमत के हिसाब से सरसों तेल बिकना चाहिये 110-115 रुपये लीटर, पर बिक रहा है लगभग 150 रुपये लीटर। इन खुदरा कीमतों की कौन खोज खबर लेगा, यह अभी देखना बाकी है।
सूत्रों ने कहा कि विदेशों में खाद्य तेलों के दाम पिछले साल मई के मुकाबले अभी आधे से भी कम रह गये हैं फिर भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। मई, 2022 में जिस सूरजमुखी तेल का दाम 2,500 डॉलर था वह अब बंदरगाहों पर घटकर 910 डॉलर प्रति टन रह गया है। यानी सूरजमुखी तेल का थोक भाव जो 2022 में लगभग 200 रुपये लीटर था वह 72 रुपये लीटर रह गया है। जिस आयातित सोयाबीन तेल का दाम पहले 2,200 डॉलर था वह घटकर अब 950-960 डॉलर प्रति टन रह गया है। लेकिन खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को खाद्य तेल सस्ता कैसे मिले इसका इंतजाम करना बाकी है।
सूत्रों ने कहा कि पिछले लगभग पांच महीनों से बंदरगाहों पर बेपड़ता बिकवाली यानी आयात लागत से कम दाम पर बिकवाली जारी है, जिससे देश के आयातक और तेल उद्योग तबाह हाल हैं। इससे बैंकों को जो नुकसान होगा उसकी भरपाई कौन करेगा, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन इससे देश के अगले कुछ साल में तिलहन के क्षेत्र में समस्या आ सकती है क्योंकि इस बार फसल नहीं खपने की वजह से किसान तिलहन खेती करने से कतरा सकते हैं।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,475-5,525 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,275-7,325 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 17,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,570-2,855 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,720 -1,815 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,720 -1,830 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,480 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,380 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,875 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,650 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,675-4,775 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,275-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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