कोलकाता, पांच फरवरी पश्चिम बंगाल में औद्योगिक वृद्धि और कारोबार के अनुकूल माहौल देने की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिबद्धता जताने के बीच बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों ने राज्य में करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की।
ये तमाम घोषणाएं ‘बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन’ (बीजीबीएस) 2025 के पहले दिन की गईं। इस सम्मेलन के जरिये राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सम्मेलन के आठवें संस्करण के पहले सत्र को संबोधित करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि उनकी कंपनी इस दशक के अंततक राज्य में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
अंबानी ने कहा, ‘‘एक दशक से भी कम समय में बंगाल में हमारा निवेश 20 गुना बढ़ा है और हमने 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। हम इस दशक के अंततक इस निवेश को दोगुना कर देंगे। हमारा निवेश डिजिटल सेवाओं, हरित ऊर्जा और खुदरा सहित कई क्षेत्रों में फैला होगा।’’
उन्होंने कहा कि बंगाल में अबतक किए गए रिलायंस के निवेश ने एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं। उन्होंने बंगाल में आर्थिक वृद्धि तेज करने के लिए रिलायंस की प्रतिबद्धता की पुष्टि भी की।
शिखर सम्मेलन में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हुईं जिनमें कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए आईटीसी लिमिटेड के एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र का अनावरण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया।
आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने आतिथ्य क्षेत्र में निवेश के लिए बंगाल की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी राज्य में अपनी मौजूदगी का विस्तार करना जारी रखेगी।
जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने भी बंगाल के सालबोनी में 1,600 मेगावाट की बिजली परियोजना विकसित करने के लिए 16,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में इसी पैमाने के अतिरिक्त निवेश के साथ अपनी क्षमता दोगुनी करने की योजना बना रही है।
अंबुजा नेवतिया समूह ने अगले पांच साल में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई।
वहीं आरपी-संजीव गोयनका समूह ने अगले कुछ वर्षों में विभिन्न खंडों में कुल 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
सम्मेलन में आए निवेशकों एवं उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बंगाल में कारोबार सुगमता के लिए एक नई राज्य-स्तरीय तालमेल समिति के गठन की घोषणा की।
बनर्जी ने कहा, ‘‘यह समिति बंगाल में कारोबार करने से संबंधित सभी तरह की मंजूरियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगी।’’
उन्होंने देवचा-पचामी कोयला खदान परियोजना का बुनियादी ढांचा तैयार होने और कोयला खनन जल्द शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा,‘‘जमीन मालिकों के परिजनों को नौकरी दी जाएगी। मुआवजे की व्यवस्था भी लागू है।’’
उन्होंने कहा कि बंगाल व्यापार शिखर सम्मेलन के इससे पहले हुए सात संस्करणों में मिले करीब 13 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को पहले ही अमल में लाया जा चुका है।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 19 लाख करोड़ रुपये हो चुका है और राज्य की अर्थव्यवस्था पिछले वित्त वर्ष में राष्ट्रीय वृद्धि दर से कहीं अधिक रफ्तार से बढ़ी।
शिखर सम्मेलन में 40 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इनमें मुकेश अंबानी, सज्जन जिंदल, संजीव पुरी, संजीव गोयनका और हर्षवर्धन नियोतिया जैसे प्रमुख उद्योगपतियों के अलावा दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली जैसी हस्तियां भी शामिल हुईं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में भूटान के कृषि मंत्री यूंटेन फुंटशो ने अपने देश के विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों पर प्रकाश डाला, जो इसे उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उत्पादों के उत्पादन के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं।
उन्होंने भूटान की मजबूत संरक्षण नीतियों और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर भी जोर दिया, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए देश के नवीकरणीय संसाधनों का दोहन करने के लिए हरित ऊर्जा सहयोग को आमंत्रित किया।
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