कोलकाता, 14 जून पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ के स्थान पर शिक्षा मंत्री को राज्य के निजी विश्वविद्यालयों का 'विजिटर' नियुक्त करने वाला एक विधेयक पारित किया गया।
पश्चिम बंगाल निजी विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक, 2022 को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के विरोध में सदन से बहिर्गमन के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया।
विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद जैसे ही शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने बोलना शुरू किया, भाजपा विधायक ''शर्म करो, शर्म करो!'' के नारे लगाने लगे।
बसु ने विधायकों से अपनी सीट नहीं छोड़ने का आग्रह किया, लेकिन भाजपा विधायक सदन से बाहर चले गए।
बसु ने भाजपा पर पश्चिम बंगाल के लोगों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए अपना भाषण फिर से शुरू किया।
इसके बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विधेयक में राज्यपाल के स्थान पर शिक्षा मंत्री को राज्य के 11 निजी विश्वविद्यालयों का 'विजिटर' बनाने का प्रस्ताव है।
विधानसभा ने सोमवार को राज्यपाल के स्थान पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सभी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने वाला एक विधेयक पारित किया।
विश्वविद्यालयों के कामकाज सहित कई मुद्दों पर जुलाई 2019 में पदभार संभालने के बाद से धनखड़ और राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के बीच तकरार जारी है।
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