हमें मजदूरों का शुक्रगुजार होना चाहिए, दुख सहकर भी लॉकडाउन का पालन किया : सोरेन
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रांची, एक मई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को तेलंगाना से 1250 प्रवासी श्रमिकों एवं झारखंड के अन्य नागरिकों के विशेष ट्रेन से वापस पहुंचने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि हमें इन प्रवासी मजदूरों का शुक्रगुजार होना चाहिए कि इतने दुख सहकर भी उन्होंने लॉकडाउन का पालन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर हमारे राज्य के मजदूर इतनी तकलीफें सहकर आखिर अपने घर पहुंचे, इससे बड़ी खुशी हमारे लिए क्या हो सकती है?’’

उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारी लगभग मध्य रात्रि को स्वयं रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर मजदूरों का स्वागत कर रहे हैं और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर रहे हैं यह इन स्थितियों के लिए हमारी तैयारियों का नतीजा है।

उन्होंने अपने अधिकारियेां की पीठ थपथपाते हुए कहा कि जैसे ही केन्द्र सरकार ने हमें 29 अप्रैल को अपने प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को झारखंड लाने की छूट दी अगले ही क्षण से हमारी सरकार और अधिकारियों ने उन्हें लाने के लिए काम करना प्रारंभ कर दिया जिसके कारण आज 48 घंटे के अंदर 1250 मजदूर अपने घरों को पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हटिया रेलवे स्टेशन पर ही उन्होंने प्रवासियों के लिए भोजन, पानी और सैनेटाइजर के साथ नये मास्क की भी व्यवस्था करवायी थी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में देश के अन्य भागों से भी प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों तथा छात्रों को वापस लाने के लिए ऐसे ही इंतजाम किये जायेंगे।

इससे पूर्व जब देश की कोरोना संकट की यह पहली विशेष ट्रेन हटिया पहुंची तो उनका स्वागत स्वयं रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों ने फूलों और खाने के पैकेट और पानी के साथ किया।

रे ने बताया कि यहां पहले से तैनात साठ बसों से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी प्रवासियों को उनके गृह जिले के लिए रवाना कर दिया गया।

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