देश की खबरें | किसी भी व्यवस्था के लिए हमसे सलाह ली जानी चाहिए : मणिपुर के नगा विधायक

दीमापुर, नौ जून मणिपुर के नगा विधायकों ने शुक्रवार को कहा कि राज्य को लेकर किसी भी समाधान तक पहुंचने के प्रयास में नगा क्षेत्रों के लिए मौजूदा स्वायत्त परिषदों से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।

सात जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद 10 नगा विधायक यहां पहुंचे। मणिपुर के जल संसाधन, राहत और आपदा प्रबंधन मंत्री अवांगबो न्यूमाई ने कहा, ‘‘हमने केंद्र से कोई मांग नहीं की है, लेकिन किसी भी व्यवस्था (कुकी समुदाय की मांगों के अनुसार नए प्रशासनिक क्षेत्र बनाने के लिए) की स्थिति में नगा क्षेत्रों को छुआ नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे और अधिक समस्याएं पैदा होंगी।’’

दीमापुर से करीब 16 किलोमीटर दूर चुमुकेडिमा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि उन्होंने शाह से आग्रह किया कि नगा लोगों से सलाह ली जानी चाहिए क्योंकि वे केंद्र के साथ जारी शांति प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मणिपुर में तीन प्रमुख समुदायों कुकी, मेइती और नगा से परामर्श किया जाएगा और किसी भी योजना पर पहुंचने से पहले सर्वसम्मति बनाई जाएगी।

न्यूमाई ने कहा, ‘‘नगा शांतिप्रिय लोग हैं और हम किसी भी तरह के संघर्ष के खिलाफ हैं। हम यह भी नहीं चाहते कि हमारे पड़ोसी संघर्ष में शामिल हों। विधायक के रूप में, हम दोनों समुदायों के बीच सहमति बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।’’

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद हिंसक झड़पें शुरू हो गई थीं। इन झड़पों में कम से कम 100 लोग मारे जा चुके हैं और 310 अन्य लोग घायल हुए हैं।

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