जरुरी जानकारी | हमें अपनी वृद्धि को अधिक समतामूलक बनाने की जरूरत: नीति आयोग उपाध्यक्ष

मुंबई, 13 जनवरी नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को देश में अधिक समतामूलक वृद्धि की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि असमानता समाज में तनाव पैदा कर सकती है।

कुमार ने कहा कि देश का लोकतंत्र ‘के’ आकार की वृद्धि (नरमी के बाद विभिन्न क्षेत्रों की अलग-अलग वृद्धि दर) की अनुमति नहीं देगा। पूर्व में ऐसा देखा गया कि आबादी के विभिन्न वर्गों की वृद्धि अलग-अलग दर से हुई।

कुमार ने उद्योग मंडल 'बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘भारत में बढ़ती असमानता जल्द ही हमारे समाज में तनाव और समस्याएं पैदा करेगी, जिसे हम सहन नहीं कर पाएंगे। हमें अपनी वृद्धि को अधिक समतामूलक बनाने के लिए उपाय तलाशने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि समतामूलक वृद्धि ऐसी होनी चाहिए जो लोगों को सशक्त बनाए और उन्हें आगे बढ़ने का सही अवसर प्रदान करे।

कुमार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि वित्त वर्ष 2022-23 और उसके बाद इसके क्रमश: 8.7 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इस वृद्धि के साथ देश दुनिया में तीव्र आर्थिक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या यह (वृद्धि) हमारी युवा आबादी की आकांक्षाओं, उनके लक्ष्यों को पूरा करने के लिये पर्याप्त होगी। यह पर्याप्त नहीं है।’’

कुमार ने कहा कि वृद्धि की बाधाओं को जल्द से जल्द तोड़ने की चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आसान नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं है। हमें अगले दो-तीन दशकों तक निरंतर तीव्र एवं दहाई अंकों की वृद्धि की आवश्यकता है। यह हमें हमारे जनसंख्या संबंधी लाभ का उपयोग करने में मदद करेगी और हमें इस लाभ को बर्बाद होने से रोकने में भी मदद करेगी...।’’

इसके साथ ही नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि देश जिस वृद्धि दर को चाहता है, वह पर्यावरण की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने आर्थिक बदलाव को इस तरह पूरा करना है कि वह हरित हो। यह फिर से एक बड़ी चुनौती है...हमें वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण के तरीके और उपाय खोजने होंगे।’’

कुमार ने कहा कि देश में आने वाले समय में वृद्धि को गति देने में निजी क्षेत्र का निवेश अहम होगा।

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