चंडीगढ़, चार सितंबर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि 2015 में सिखों के पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आम आदमी पार्टी (आप) विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह द्वारा राज्य विधानसभा में बेअदबी की घटनाओं का मुद्दा उठाए जाने के तुरंत बाद ही मान ने यह बयान दिया।
मान ने कहा कि इस मामले पर जल्द ही नयी रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को 2015 की बेअदबी की घटनाओं में प्रमुख सुराग मिले हैं।
मान ने सदन को बताया, ''हमें इस घटना के संबंध में कई सुराग मिले हैं।''
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए पहले ही रिपोर्ट भेज दी है ताकि इस अपराध में शामिल कोई भी व्यक्ति सजा से बच न सके।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब इस जघन्य अपराध के अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत उनकी सरकार इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने इस घटना पर नरम रुख अपनाने के लिए पिछली सरकार की आलोचना करते कहा कि ऐसे मामलों में ढिलाई दिए जाने के कारण ही ऐसे अक्षम्य अपराध करके सिखों की मानसिकता को चोट पहुंचाने वाले अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन खूंखार अपराधियों को सजा दिलाना उनकी सरकार का परम कर्तव्य है।
भगवंत मान ने कहा कि इस अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को इस पाप के लिए कठोर सजा दी जाएगी।
फरीदकोट में साल 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की एक 'बीड़' (प्रति) चोरी होने, बेअदबी करने वाले हस्तलिखित पोस्टर लगाने तथा पवित्र ग्रंथ के फटे हुए पृष्ठ मिलने जैसी घटनाएं हुई थीं।
इन घटनाओं के कारण फरीदकोट में बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सदन में शून्यकाल के दौरान बेअदबी मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग की और अध्यक्ष से बहस के लिए सत्र को एक दिन बढ़ाने का आग्रह किया।
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