नयी दिल्ली, 20 दिसंबर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि त्रिपोली स्थित भारतीय दूतावास लीबिया में भारतीय कामगारों के एक समूह की स्थिति पर ‘करीब से नजर रख रहा है’ और उनकी वापसी के लिए काम कर रहा है, जो बिना उचित दस्तावेजों के उस देश में गए थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उन भारतीय कामगारों के बारे में सवाल पूछा गया था जो लीबिया में एक सीमेंट कंपनी में काम रह रहे हैं और भारत वापस नहीं आ पा रहे हैं।
जायसवाल ने अपने जवाब में कहा कि कामगारों के लिहाज से निकास परमिट की व्यवस्था करने के लिए हमारा दूतावास लीबिया के अधिकारियों के संपर्क में है।
उन्होंने अपनी साप्तहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ये भारतीय कामगार दुबई के रास्ते बेंगाजी पहुंचे थे। वे वहां गए थे, लेकिन उनके पास उचित दस्तावेज़ नहीं थे। जब वे उतरे, तो उनके काम को लेकर कुछ समस्याएं थीं... हमें इन कठिनाइयों के बारे में पता चला... त्रिपोली में हमारा दूतावास सक्रिय है। हमने वहां अपने समुदाय के माध्यम से अपने कामगारों से संपर्क किया।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘और, हमने उनकी मदद की है, हमने उनके भोजन, उनके दैनिक जीवन के सामान की व्यवस्था की है। त्रिपोली में हमारे सीडीए (प्रभारी) ने भी इन कामगारों से मुलाकात की है। मुझे लगता है कि यह 4 नवंबर को हुआ था।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चूंकि ये लोग बिना उचित दस्तावेजों के लीबिया गए थे, इसलिए अब देश से बाहर निकलने के लिए उन्हें लीबिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार निकास परमिट की आवश्यकता है।
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