विदेश की खबरें | वांग यी ने मानवाधिकारों को लेकर यूरोपीय देशों की चिंताओं को दरकिनार किया

चीन के विदेश मंत्री वांग यी कोरोना वायरस फैलने के बाद यूरोप की पहली यात्रा पर हैं। वांग का प्रयास व्यापार और संबंधों को फिर से पटरी पर लाना है जो वैश्विक स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट के चलते प्रभावित हुए हैं।

वांग ने रविवार को पेरिस में इन दावों को दोहराया कि शिन्जियांग प्रांत में पुन:शिक्षा केंद्रों में भेजे गए लोगों को रिहा कर दिया गया है और उन्हें रोजगार में लगा दिया गया है। हालांकि मानवाधिकार समूहों और पीड़ित परिवारों का दावा है कि उइगर मुस्लिमों को अभी भी हिरासत केंद्रों में रखा गया है और उनका अपने प्रियजनों से कोई सम्पर्क नहीं है।

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वांग ने ‘फ्रेंच इंस्टीट्यूट आफ इंटरनेशनल रिलेशंस’ में एक सम्मेलन में कहा, ‘‘शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के सभी प्रशिक्षुओं को अधिकार सुनिश्चित किये गए हैं, हालांकि उनके मस्तिष्क पर आतंकवाद एवं अतिवाद का प्रभाव था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब सभी को स्नातक की शिक्षा प्रदान कर दी गई है, अब शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र में कोई भी नहीं है। उन सभी को नौकरियां मिल गई हैं।’’

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उल्लेखनीय है कि चीन की सरकार ने शिन्जियांग में अनुमानत: 10 लाख या उससे अधिक जातीय अल्पसंख्यकों को हिरासत में रखा है। इन सभी को हिरासत शिविरों में रखा गया है।

हांगकांग के सुरक्षा कानून के बारे में पूछे जाने पर वांग ने कहा, ‘‘हम निश्चित तौर ऐसा नहीं होने दे सकते कि हम हाथ पर हाथ रखे बैठे रहें और अव्यवस्था जारी रहे, इसलिए हमने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक कानून बनाया जो कि हांगकांग की स्थिति के अनुरूप है।’’

वांग ने कहा कि दोनों ही मुद्दे चीन के आंतरिक मुद्दे हैं और विदेशी ताकतों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यालय के अनुसार मैक्रों ने शुक्रवार को वांग के साथ एक बैठक में, ‘‘हांगकांग की स्थिति और विशेष रूप से उइगरों के संबंध में मानवाधिकारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। साथ ही चीन द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल दिया था।’’

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