ईटानगर, 21 अगस्त अरुणाचल प्रदेश के एक सुदूर जिले में वांचो समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी सदियों पुरानी लोककथाओं को ब्रिटेन की एक अनुसंधानकर्ता की मदद से डिजिटल रूप में रिकार्ड करना शुरू किया है।
अनुसंधानकर्ता तारा डगलस ने कोविड-19 महामारी के दौरान भी तीन साल से अधिक समय तक लोंगडिंग जिले में समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों और कार्यकर्ताओं के साथ लोककथाओं का दस्तावेजीकरण किया था। वह उन्हें लोककथाओं को डिजिटल रूप से संग्रहीत करने में मदद कर रही हैं।
वांचो समुदाय के पास मौखिक कथा कहानियों और गीतों की एक समृद्ध परंपरा है और डगलस को उन्हें रिकॉर्ड करने में समुदाय के सदस्यों की सहायता करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
डगलस ने कहा, ‘‘पीढ़ियों से एकत्रित पूर्वजों का ज्ञान जीवन का एक रिकॉर्ड है क्योंकि यह समुदाय पटकाई पहाड़ियों के इस अल्पज्ञात क्षेत्र में सदियों से रहा है। यह सांस्कृतिक प्रथाओं और अनुष्ठानों का इतिहास है, आजीविका प्रथाओं, पौधों, जानवरों, जलवायु और भूगोल का सटीक ज्ञान है। यह समुदाय की सामूहिक यादें हैं।’’
अनुसंधानकर्ता का परिचय समुदाय के साथ तब हुआ था जब उन्होंने पहली बार 2019 में कमुआ नोकनू का दौरा किया था और तब से वह सामग्री को रिकार्ड करने, अनुवाद करने और उसे सूचीबद्ध करने के लिए स्थानीय परियोजना भागीदारों के साथ काम कर रही हैं।
लगभग 57,000 सदस्यों की आबादी वाली वांचो जनजाति ज्यादातर म्यांमा की सीमा से लगे लोंगडिंग जिले में निवास करती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY