West Bengal Assembly Election 2026: ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, पश्चिम बंगाल में TMC अकेले लड़ेगी आगामी विधानसभा चुनाव
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West Bengal Assembly Election 2026:  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति साफ कर दी है. बंगाल में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुकाबला अकेले ही करने वाली हैं और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी. गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में "खेला होबे" के नारे के साथ उतरी टीएमसी ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से टीएमसी ने 215 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था, जबकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी.

पिछले चुनावों के आंकड़ों पर एक नजर

बंगाल की राजनीति में टीएमसी का ग्राफ लगातार बढ़ा है. 2016 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी ने 211 सीटें जीती थीं. 2021 में यह संख्या बढ़कर 215 हो गई. यह भी पढ़े: Bihar Assembly Elections: निर्वाचन आयोग ने 12 दलों के साथ की बैठक, पारदर्शी प्रक्रिया और मतदाताओं के सम्मान पर जोर

  • TMC: 2016 में 211 सीटें → 2021 में 215 सीटें.

  • BJP: 2016 में मात्र 3 सीटें → 2021 में 77 सीटें.

  • कांग्रेस और वामदल: 2021 के चुनावों में कांग्रेस और वामपंथी दलों (Left Front) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और उन्हें शून्य (0) सीटें मिलीं.

नंदीग्राम में हार के बावजूद बनीं मुख्यमंत्री

2021 के चुनावों में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अपनी सीट नंदीग्राम से चुनाव हार गईं. उन्हें भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने एक कांटे की टक्कर में करीब 1956 वोटों से हराया था. हालांकि, उनकी पार्टी को राज्य में प्रचंड बहुमत मिला था, जिसके कारण उन्हें ही विधायक दल का नेता चुना गया. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बाद में भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा की सदस्यता हासिल की.

कांग्रेस का गिरता ग्राफ

2016 के चुनावों में कांग्रेस पश्चिम बंगाल में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसे 44 सीटें मिली थीं. लेकिन 2021 में समीकरण पूरी तरह बदल गए. भाजपा के ध्रुवीकरण और टीएमसी की मजबूत पकड़ के बीच कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया और पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई. इसी पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी अब किसी भी गठबंधन से दूरी बनाकर अकेले चलने का फैसला ले रही हैं.