कोलकाता, 25 सितंबर विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय परिसर की उस सड़क को वापस करने का आग्रह किया, जिसे राज्य सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया था और यह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नियंत्रण में है।
पत्र में कुलपति ने कहा कि शांतिनिकेतन अब यूनेस्को के घोषित विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है, जिसकी घोषणा 17 सितंबर को की गई थी।
चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन को वाहनों की आवाजाही रोकने या बहुत कम निगरानी करने और संस्थान के परिसर के अंदर सड़क के किनारे स्थित विरासत इमारतों को संरक्षित करने के लिए सड़क को वापस उसके अधिकार क्षेत्र में सौंपा जाना चाहिए।
इस संस्थान की स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर ने करीब सौ साल पहले की थी।
यह तीन किलोमीटर लंबी सड़क स्थानीय निवासियों के बीच डाकघर से श्रीनिकेतन तक पहुंचने के लिए एक छोटे मार्ग के रूप में लोकप्रिय थी, जिसे 2021 में ‘‘बेहतर आवाजाही’’ के लिए विश्वविद्यालय से पीडब्ल्यूडी द्वारा अपने नियंत्रण में ले लिया गया था।
चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘अब इस विरासत स्थल का संरक्षण करना हमारी और भी बड़ी जिम्मेदारी है। इन परिस्थितियों में, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आश्रम क्षेत्र को बनाए रखने में हमारी मदद करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सड़क को वाहनों से मुक्त किया जाना चाहिए क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार, वाहनों (दोपहिया वाहनों को छोड़कर) के परिचालन से होने वाला कंपन आश्रम के अंदर की इमारत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। एएसआई ने चेतावनी दी है कि यदि इसे तत्काल नहीं रोका गया, तो ये इमारतें आने वाले समय में ढह जाएंगी।’’
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