नयी दिल्ली, 23 नवंबर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को लोगों से अपने विचारों से हिंसा, संकीर्णता और घृणा को समाप्त करने का संकल्प लेने और खुद को दूसरों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित करने को कहा।
गुरु तेग बहादुर के ‘शहीदी दिवस’ की पूर्वसंध्या पर अपने संदेश में कोविंद ने कहा, ‘‘गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर ने जनता की आस्था, विश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसलिए देशवासी उन्हें प्यार से ‘हिंद दी चादर’ कहते हैं। उनकी शहादत हम सभी को मानवता की सच्ची सेवा के लिए संगठित होने की प्रेरणा देती है।’’
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कोविंद ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की सीख और उनके कार्य सभी देशवासियों के बीच प्यार और देशभक्ति की भावना फैलाते रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘इस पावन दिन पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि अपने विचारों से हिंसा, संकीर्णता और घृणा को समाप्त करके खुद को दूसरों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित कर देंगे और प्यार, सौहार्द तथा करुणा जैसे मानवीय मूल्यों का संवर्द्धन करेंगे।’’
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