देश की खबरें | सतर्कता शाखा की रिपोर्ट केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ

तिरुवनंतपुरम, दो अक्टूबर केरल की सतर्कता शाखा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के नाम पर बने एक ट्रस्ट से जुड़ी आय से अधिक संपत्ति मामले की शिकायत में कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष के सुधाकरन के खिलाफ अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी।

सूत्रों ने बताया कि सतर्कता शाखा ने प्रारंभिक जांच के बाद कन्नूर के सांसद सुधाकरन के खिलाफ अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

यह भी पता चला है कि सर्तकता शाखा ने सुधाकरन के खिलाफ जांच के लिए कानूनी सलाह मांगी है, क्योंकि वह सांसद हैं। सुधाकरन के पूर्व चालक प्रशांत बाबू की शिकायत पर कोझिकोड के सर्तकता पुलिस अधीक्षक ने प्रारंभिक जांच की।

इस बीच, सुधाकरन ने कहा कि वह किसी भी एजेंसी द्वारा किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं क्योंकि वह एक दागी राजनेता नहीं हैं।

सुधाकरन ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं दागी राजनेता नहीं हूं। मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं। किसी भी जांच एजेंसी को मामले की जांच करने दें। यहां तक ​​कि मैं चाहता हूं कि कोई तो इस मामले की जांच करे ताकि मैं लोगों को साबित कर सकूं कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है।''

उन्होंने कहा कि पूर्व चालक बाबू को कुछ दिनों के लिए रखा गया था और उनकी नियुक्ति अस्थायी थी।

वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन सुधाकरन के समर्थन में सामने आए और कहा कि अगर सतर्कता विभाग को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, तो कांग्रेस इस मामले से राजनीतिक रूप से निपटेगी।

बाबू ने शनिवार को आरोप लगाया कि सुधाकरन 32 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। बाबू की शिकायत के अनुसार, सुधाकरन ने के करुणाकरण ट्रस्ट के लिए विदेशों से भी 32 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की लेकिन इसमें से 18 करोड़ रुपये की रकम निजी उद्देश्यों के लिए खर्च की।

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