विदेश की खबरें | रूसी एजेंसी प्रमुख के वीडियो से रूस के सैन्य अधिकारियों के बीच आंतरिक कलह सामने आई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अरबपति प्रिगोझिन को इस वीडियो में चिल्लाकर यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘वे स्वयंसेवक के रूप में यहां आये थे और आप अपने शानदार दफ्तरों में आराम से बैठ सकें, इसलिए उन्होंने जान गंवा दी। आप अपने महंगे क्लब में बैठे हैं, आपके बच्चे मजे से रह रहे हैं और यूट्यूब पर वीडियो बना रहे हैं। जो हमें हथियार नहीं दे रहे, उन्हें जहन्नुम में जिंदा खाया जाएगा।’’

यह वीडियो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी मतभेद को जाहिर करने के लिए काफी है।

मई में बनाया गया प्रिगोझिन का यह वीडियो और सैन्य नेतृत्व के खिलाफ उनकी मुखर आवाज पर पुतिन या अन्य किसी सैन्य अधिकारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

कुछ लोग इस कलह पर जवाब नहीं देने के पुतिन के रुख को रूस के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव की तरह देखते हैं और आगे कई आंतरिक लड़ाइयों की आशंका जताते हैं।

प्रिगोझिन के सेना के साथ गतिरोध को सरकार नियंत्रित टेलीविजन ने अनदेखा किया है। रूस में अधिकतर लोग सरकारी टीवी से ही खबर पाते हैं।

‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रटेजिक स्टडीज’ में रूस और यूरेशिया के लिए वरिष्ठ शोधवेत्ता और इसके ‘स्ट्रटेजिक सर्वे’ के संपादक निगेल गाउल्ड-डेवीज ने कहा, ‘‘पुतिन का रूस में प्रभाव कम होने का तो कोई संकेत नहीं है, लेकिन युद्ध और वास्तविक समस्याओं को लेकर गहरी निष्क्रियता, बेचैनी और चिंता है।’’

प्रिगोझिन पहले भी सैन्य नेताओं को लेकर मतभेद जाहिर कर चुके हैं।

उन्होंने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और जनरल स्टाफ प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव की कड़ी निंदा की थी। एक बार तो उन्होंने यह आरोप तक लगा दिया था कि सेना ने उस रास्ते पर बारूदी सुरंग बिछा दी थीं जिससे होकर उसके जवानों ने आगे बढ़ने की योजना बनाई थी।

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