अपने करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट खेल रही वैशाली ने इस प्रक्रिया में अपना चौथा ‘ग्रैंडमास्टर नार्म (मानदंड)’ भी पूरा किया। उन्हें इस उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की तीसरी महिला बनने के लिए केवल सात रेटिंग अंकों की आवश्यकता है।
शतरंज विश्व कप के फाइनल में पहुंच कर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाले आर प्रज्ञानानंद की बड़ी बहन आर वैशाली को यहां चैम्पियन बनने के लिए दो और मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उनके नाम सात अंक है और दो दौर के मुकाबले बचे है। इसमें चीन की झोंगी तान से उन्हें कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
ओपन वर्ग में विदित गुजराती ने रूस के आंद्रे एसिपेंको से ड्रॉ खेला और 6.5 अंकों के साथ छह खिलाड़ियों के साथ तालिका में शीर्ष पर है।
अमेरिका के फैबियानो कारूआना और हिकारू नाकामुरा, रोमानिया के डीक बोगडान-डैनियल, ईरान के परहम माघसूदलू और एसिपेंको भी इस स्कोर के साथ शीर्ष पर है।
विदित ने एसिपेंको के खिलाफ अच्छी शुरुआत की थी लेकिन वह इस लय को बरकरार नहीं रख सके और आखिर में ड्रॉ पर सहमत होना पड़ा।
अर्जुन एरिगैसी ने स्लोवेनिया के व्लादिमीर फेडोसीव के साथ एक और ड्रा खेला। एरिगैसी ने काले मोहरों से अच्छा संयम दिखाया लेकिन 460000 डॉलर पुरस्कार के खिताबी दौड़ में शामिल होने के लिए उन्हें आखिरी दो मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।
अन्य भारतीयों में निहाल सरीन जर्मनी के विंसेंट कीमर से हार के बाद खिताब की दौड़ से बाहर हो गये। प्रज्ञानानंद ने कजाकिस्तान के रिनैट जुमाबायेव को हराकर दूसरी जीत दर्ज की जबकि पी हरिकृष्णा ने आर्मेनिया के एच. मेलकुमियान में मात दी।
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