देश की खबरें | तमिलनाडु के मदुरै में ट्रेन हादसे की खबर से उत्तर प्रदेश में मातम

सीतापुर/लखनऊ, 26 अगस्त तमिलनाडु के मदुरै रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के खड़े डिब्बे में शनिवार तड़के आग लगने की घटना में यात्रियों की मौत से उत्तर प्रदेश में मातम छा गया। एक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में उत्तर प्रदेश के कम से कम छह यात्रियों की मौत हो गई।

ट्रेन हादसे में उत्तर प्रदेश के यात्रियों की मौत की खबर आने के बाद राज्‍य के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गहरा दुख प्रकट किया और पीड़ित परिवारों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की।

योगी ने एक बयान में कहा कि मदुरै ट्रेन दुर्घटना अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्‍स’ पर कहा, “रेलवे की लापरवाही से मदुरै में हुए रेल हादसे में उत्तर प्रदेश के 10 लोगों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि! इस लापरवाही की गहन जांच हो और मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए।”

मदुरै में जिस डिब्बे में आग लगी, वह एक ‘प्राइवेट पार्टी कोच’ (किसी व्यक्ति द्वारा बुक किया गया पूरा डिब्बा) था और उसमें सवार 65 यात्री उत्तर प्रदेश से मदुरै पहुंचे थे। दक्षिण रेलवे ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आग लगने की घटना में “10 यात्रियों की मौत होने की सूचना है।”

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, हादसे के प्रभावित सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और लखनऊ जिले के रहने वाले हैं।

हादसे की खबर आने के बाद सीतापुर जिला मुख्यालय की आदर्श नगर कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है। घटना में मारे गए दो लोग और घायल हुए छह लोग यहीं के रहने वाले हैं। सीतापुर के शास्त्री नगर मोहल्ले के एक व्यक्ति के भी हादसे में घायल होने की खबर है।

उत्तर प्रदेश के राहत विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन में आग की घटना में शत्रु दमन सिंह (65) और मिथिलेश सिंह (60) की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। ये आठों बुजुर्ग लोगों के समूह का हिस्सा थे, जो तीर्थयात्रा पर गए थे।

दुर्घटना की खबर से राजधानी लखनऊ से लगभग 80 किलोमीटर दूर सीतापुर में शोक फैल गया। शत्रु दमन सिंह के बेटे आलोक सिंह ने कहा, “मेरे पिता और मां 17 अगस्त को तीर्थयात्रा के लिए गए थे। वे आठ लोगों के समूह के साथ थे। मेरे पिता रोजाना सुबह सबसे पहले मुझे फोन करके यात्रा के बारे में जानकारी देते थे। आज मुझे कुछ अधिकारियों का फोन आया, जिन्होंने उनकी मृत्यु के बारे में बताया। हम दुर्घटना में घायल हुई मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।”

आलोक ने बताया कि हादसे में मारी गई महिला मिथिलेश सिंह उसकी रिश्तेदार थी। स्थानीय गुड़ व्यवसायी शत्रु दमन सिंह कई वर्षों से तीर्थयात्रा की योजना बना रहे थे।

आलोक ने कहा, “मेरे पिता तीर्थ यात्रा की योजना बनाने वाले पहले व्यक्ति थे। इलाके के अन्य बुजुर्गों ने भी उनके साथ जाने की इच्छा व्यक्त की। यहां तक कि मेरे पिता ने उन सभी के लिए टिकट भी बुक किया।”

घायलों में से एक नीरज शुक्ला के भतीजे श्रवण शुक्ला ने बताया कि उसके चाचा और चाची इलाके के अन्य लोगों के साथ पवित्र यात्रा पर गए थे। नीरज ने कहा, “समूह ने शुक्रवार को तिरुपति बालाजी की यात्रा की और उसे आज रामेश्वरम पहुंचना था, लेकिन यह त्रासदी हो गई।”

बताया जा रहा है कि सीतापुर के कुल नौ लोग 17 अगस्त से 30 अगस्त तक तीर्थयात्रा पर थे, जिनमें शत्रु दमन सिंह, उनकी पत्नी सुशीला सिंह, शिवप्रताप सिंह, उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह, अशोक प्रजापति, उनकी पत्नी अलका प्रजापति, नीरज शुक्ला, उनकी पत्नी सरोजिनी और आनन्‍द प्रकाश त्रिपाठी शामिल थे।

परिजनों ने बताया कि घायलों का मदुरै के राजाजी मेडिकल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) सीतापुर आरबी तिवारी ने दोपहर में आदर्श नगर का दौरा किया और घटना में मारे गए लोगों एवं घायलों के परिजनों से मुलाकात की। अधिकारी ने परिजनों को हर तरह की मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।

उधर, पड़ोसी जिले लखीमपुर खीरी की मूल निवासी राम मनोहर की पत्नी शांति देवी (70) मदुरै रेलवे स्टेशन पर कोच में आग लगने की घटना में ‘लापता’ बताई जा रही हैं। देवी भी अपने पति और एक भतीजे हर्ष के साथ तीर्थयात्रा के लिए गई थीं।

शांति देवी के सबसे छोटे बेटे नीरज ने फोन पर ‘पीटीआई-’ को बताया कि उसके पिता ने दुर्घटना के तुरंत बाद उससे फोन पर बात की और कहा कि तुम्हारी मां का पता नहीं चल रहा है।

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