देश की खबरें | भितरकनिका में पर्यटकों को ले जाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल नौका का इस्तेमाल

केंद्रपाड़ा, 23 मार्च ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों के लिए बैटरी से चलने वाली और ध्वनिरहित नौका के इस्तेमाल की शुरुआत की गयी है। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस कदम का एक पर्यावरणविद् ने स्वागत किया है। उनके मुताबिक मशीनीकृत नावों की आवाज जगह की शांति को भंग करती है, और खारे पानी के मगरमच्छों और अन्य जंगली जानवरों को विचलित करती है। पर्यावरण के मद्देनजर इस पहल को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटक अब इको-फ्रेंडली नाव की सशुल्क सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। बैटरी से चलने वाली यह नौकाएं देश के दूसरे सबसे बड़े मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के जल निकायों में निरंतर चलेंगी।

वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, प्रदूषण रहित इस एक नौका को सरकार ने 23 लाख रुपये में खरीदा है। इस नौका में आठ लोग सवार हो सकते हैं।

संभागीय वन अधिकारी जे डी पति ने कहा, ‘‘हम इस नाव का दो महीने के लिए प्रायोगिक आधार पर उपयोग करेंगे, जिसके बाद ऐसी और नावें खरीदी जाएंगी।’’

इससे पहले वन विभाग ने उद्यान में पर्यटकों के घूमने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले तिपहिया वाहनों की शुरूआत की थी।

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मशीनीकृत नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से हटा लिया जाएगा।

‘‘ओडिशा टूरिज्म’’ की वेबसाइट के अनुसार, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में कई मैन्ग्रोव प्रजातियाँ हैं। यहाँ का भीतरकनिका मैन्ग्रोव परिक्षेत्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैन्ग्रोव परिक्षेत्र है। यह राष्ट्रीय उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध है। मगरमच्छों की यह प्रजाति लुप्तप्राय श्रेणी में रखी गई है। उद्यान के पूर्वी हिस्से की सीमा गहिरमाथा तट से बनती है और यह तट ऑलिव रिडले कछुओं की सबसे बड़ी कॉलोनी माना जाता है।

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