वाशिंगटन, 21 मार्च : अमेरिका (America) ने कुछ खालिस्तान समर्थक तत्वों द्वारा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले की सोमवार को कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया. खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने रविवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की थी. खालिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए अस्थायी सुरक्षा अवरोधकों को तोड़ दिया और वाणिज्य दूतावास परिसर के अंदर दो तथाकथित खालिस्तानी झंडे लगा दिए. हालांकि, वाणिज्य दूतावास के दो कर्मियों ने जल्द ही उन झंडों को हटा दिया. इसके बाद, प्रदर्शनकारियों का एक समूह वाणिज्य दूतावास परिसर में घुस गया और दरवाजे तथा खिड़कियां तोड़ दीं.
व्हाइट हाउस में रणनीतिक संचार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद समन्वयक जॉन किर्बी ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘‘यह हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है.’’ किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय की राजनयिक सुरक्षा सेवा स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मामले को देख रही है. मैं सैन फ्रांसिस्को पुलिस की तरफ से कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि उचित जांच के लिए राजनयिक सुरक्षा सेवा, स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है. जाहिर तौर पर विदेश मंत्रालय नुकसान की भरपाई के लिए काम करेगा लेकिन यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.’’ विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी. यह भी पढ़ें : चीनी ‘घुसपैठ’ पर भारत को खुफिया जानकारी देने की खबर पर अमेरिका ने कहा, ‘इसकी पुष्टि नहीं कर सकते’
बयान के अनुसार, ‘‘अमेरिका रविवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले की निंदा करता है. अमेरिका में राजनयिक केंद्रों पर हिंसा एक दंडनीय अपराध है.’’ विदेश मंत्रालय के दक्षिण व मध्य एशिया ब्यूरो ने कहा, ‘‘इन केंद्रों और उनमें काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा करना हमारी प्राथमिकता है.’’ एशियाई अमेरिकी, मूल हवाई वासी और प्रशांत द्वीप के लोगों से जुड़े मामलों पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग के सदस्य अजय जैन भुटोरिया ने कहा, ‘‘हम सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग से दूतावास पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और दूतावास में काम करने वालों, वहां आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हैं.’’












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