देश की खबरें | प्रौद्योगिकी का उपयोग लोगों की सुरक्षा के लिए करने का अमेरिका एवं भारत का साझा दृष्टिकोण: गार्सेटी

नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश अपने लोगों को जोड़ने एवं उनकी सुरक्षा करने और अच्छे कार्यों के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का समान दृष्टिकोण रखते हैं।

गार्सेटी ने ‘अमेरिका-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी बंदोबस्ती निधि’ 2024 पुरस्कार समारोह में कहा कि दोनों देश अगली पीढ़ी के ‘‘उन जादूगरों में निवेश कर रहे हैं जो इस विश्व के लिए अत्यावश्यक समाधान निकालेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका ऐसी प्रौद्योगिकी का दृष्टिकोण रखते हैं जो उनके लोगों को जोड़ सके, उनकी रक्षा कर सके और अच्छे कामों के लिए एक शक्ति के रूप में इस्तेमाल की जा सके। अक्षय निधि नवोन्मेषकों को एक साथ ला रही है। जैसा कि मैं अक्सर कहता हूं, भारत का सपना और अमेरिका का सपना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं तथा हम वास्तव में एक-दूसरे को पसंद करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत छात्र साझेदारी, सैन्य बिक्री और संयुक्त अभ्यास में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम ये रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, तो हमें न केवल मात्रा पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। हमारे औद्योगिक परिदृश्य के लिए यह आवश्यक है कि हमारे संस्थान, गैर-लाभकारी संगठन, कंपनियां और सरकारें एक साथ मिलकर पूरी क्षमता से काम करें।’’

उद्योगपति रतन टाटा की विरासत का उल्लेख करते हुए गार्सेटी ने उन्हें एशिया के उत्थान में योगदान देने वाले दिग्गजों में से एक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘उनका निधन भारत और विश्व के लिए एक क्षति है। अपने करियर के मामले में वे एक महान व्यक्ति थे, लेकिन जो कोई भी उन्हें जानता था, वह आपको बता सकता है कि उनका दिल भी बहुत बड़ा था। उन्होंने हमें दिखाया कि व्यापार में न केवल लाभ महत्वपूर्ण है बल्कि नैतिक मूल्य भी अहम हैं।’’

उद्योग जगत की दिग्गज हस्ती रतन नवल टाटा ने बुधवार की रात मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)