लखनऊ, सात मई जापान द्वारा चीन से बाहर निकलने के इच्छुक अपने उद्योगों के लिए 2.2 अरब डॉलर का कोष बनाये जाने के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश ने जापान से निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया है। इसके लिए राज्य सरकार श्रम एवं अन्य क्षेत्रों में सुधार कर रही।
प्रदेश के एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रबल इच्छा है कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए ताकि जनता को रोजगार के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो सके।
सिंह भारत में जापानी राजदूत सतोशी सुजुकी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान सुजुकी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण,औद्योगिक पार्क, फार्मा, चिकित्सकीय उपकरण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई।
सिंह ने बताया कि देश में जापान के उद्यमियों की मदद के लिए एक जापानी सहायता डेस्क बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास बड़े पैमाने पर भूमि बैंक है और कुशल मानव संसाधन के मामले में भी है प्रदेश धनी है।
सुजुकी ने बताया कि जापान सरकार ने चीन से बाहर निकलने का प्रयास कर रही अपनी कंपनियों की मदद के लिए 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर का कोष बनाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर कोई कंपनी या निवेशक राज्य में निवेश करना चाहता है तो सरकार उसे विशेष पैकेज और सुविधाएं देगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे विभिन्न देशों के दूतावासों से इस संबंध में बातचीत करें। उन्होंने अपने मंत्रियों से कहा कि इस मौके का फायदा उठाने के पूरे प्रयास करें।
अमृत
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