देश की खबरें | उप्र: काली पट्टी बांध कर नमाज अदा करने पहुंचे नमाजी, पाकिस्तान के विरोध में लगाए नारे

लखनऊ/संभल/ सहारनपुर, 25 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुसलमानों ने शुक्रवार की जुमे की नमाज अदा करने के बाद आक्रोश जाहिर किया और पाकिस्तान के विरोध में नारेबाजी की।

लखनऊ, संभल, सहारनपुर, बरेली, हापुड़, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर समेत कई जिलों में मुसलमानों ने आतंकवादी घटना की निंदा की और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कश्मीर के पहलगाम शहर के बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

राजधानी लखनऊ में ‘इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया’ की अपील पर विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज से पहले पहलगाम हमले का विरोध जताया गया।

लखनऊ में ‘इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया’ के अध्यक्ष शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि कोई भी मजहब आतंकवाद, जुल्म और ज्यादती की हिमायत नहीं करता।

उन्होंने कहा कि इस्लाम ने हमेशा आतंकवाद का विरोध किया है।

महली ने कहा कि पहलगाम की आतंकवादी घटना को किसी भी मजहब से जोड़कर ना देखा जाए।

नमाज के बाद ईदगाह में पहलगाम घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और सरकार से मांग की गयी कि जो लोग भी इस घिनौनी हरकत के पीछे हैं उनको सख्त सजा देकर अपने मुल्क को आतंकवाद से हमेशा के लिए आजाद कराया जाए।

लखनऊ में मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद की ओर से मौलाना कल्बे जवाद नकवी के नेतृत्व में जुमे की नमाज़ के बाद आसिफी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’, ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ और ‘हिंदू-मुस्लिम एकता’ के नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के प्रतीकात्मक राष्ट्रीय ध्वज को जलाकर अपने गुस्से और दुख का इज़हार किया तथा इसके बाद हमले में जान गंवाने वाले सभी लोगों के लिए दो मिनट मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद के महासचिव नकवी ने इस मौके पर कहा, “ जिन्होंने निहत्थे बेगुनाह पर्यटकों का कत्लेआम किया है वो लोग मानवता के दुश्मन और दरिंदे हैं, उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता।”

मौलाना ने कहा, “हम इस आतंकवादी घटना की कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि इस घटना के अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए। इस घटना की जांच होनी चाहिए कि आखिर पहलगाम तक आतंकवादी कैसे पहुंचे और जब वो बेगुनाहों को मार रहे थे, तब सेना और पुलिस कहां थी?”

उन्होंने कहा, “ आखिर इतने पर्यटक मौजूद थे, वहां सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गयी? इसलिए सरकार की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।'”

मौलाना ने कहा, “पाकिस्तान हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे। हिंदू और मुसलमान सदियों से साथ रहते आए हैं और आगे भी साथ रहेंगे।”

लखनऊ की टीले वाली मस्जिद में भी पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर विरोध जताया गया।

संभल जिले की कई मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने नमाजी काली पट्टी बांधकर पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाजियों ने पोस्टर लेकर पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज पढ़ कर निकले साकिर हुसैन ने कहा, “जिन निहत्थे लोगों के साथ यह जुल्म हुआ और हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ दिया गया, बेहद ही दुखद घटना है।”

उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “आतंकवादियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने का यह सही समय है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि इन आतंकवादियों को ऐसा सबक मिले कि नस्ले भी याद रखें।”

वहीं सईद अख्तर इसराइली ने कहा, “भारत को पाकिस्तान से सारे समझौते रद्द करने चाहिए और जहां-जहां आतंकवादियों के शिविर हैं उन्हें नष्ट कर देना चाहिए।” इसराइली ने कहा, “हमले में मारे गये निहत्थे लोगों के लिए मस्जिद में हम लोगों ने दुआ की। यह पूरी इंसानियत का कत्ल है और इस दुख की घड़ी में हम उन परिवारजनों के साथ हैं।” वहीं चंदौसी की तकिए वाली मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद शाह आलम मंसूरी ने कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवाद करके निर्दोष लोगों की जान ले रहा है लेकिन अबकी बार आर पार से कम बात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आज हमने काली पट्टी बांध कर आतंकवाद का विरोध किया है। आज देश का हर मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ देश के साथ खड़ा है।”

सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित दारुल उलूम के प्रबंधक मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने पहलगाम में ‘जघन्य’ आतंकवादी हमले को कायराना हरकत करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नोमानी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और साथ ही इसे देश की एकता और अखंडता के लिये खतरा बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा, “हमारी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ करते हैं।”

नोमानी ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लें और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जमीयत उलेमा ए हिन्द के दोनों धड़ों ने भी आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने पहलगाम में हुई घटना पर कहा कि बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाले इंसान नहीं दरिंदे हैं।

उन्होंने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि आतंकवाद इस्लाम की शान्ति प्रिय नीति के खिलाफ है।

जमीयत के दूसरे गुट के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने इस घटना को अमानवीय कृत्य बताया।

उन्होंने कहा कि इस घटना को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता और जो लोग इसे इस्लाम से जोड़ने की कोशिश कर रहे है, वे इस्लाम की सच्ची शिक्षा से अनजान हैं। दोनों गुटों के अध्यक्षों ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने बरेली में कहा कि पहलगाम की घटना बर्बर और कायराना है।

उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान उन दुखी परिवारों के साथ हैं, जो लोग इस घटना में प्रभावित हुए।

रिजवी ने कहा कि घटना के बाद आज (शुक्रवार) जुमे की नमाज हुई और हमने ऐलान किया कि तमाम मस्जिद के इमाम और सभी नमाजी देश की एकता व अखंडता के लिए दुआ करें, और इस बात के लिए भी दुआ करें, कि हमारे देश में अमन व शांति कायम रहे।

उन्‍होंने कहा कि सभी मुसलमानों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग की। वहीं बुलंदशहर में मुस्लिम समाज के सदस्यों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में आतंकवाद का पुतला फूंका।

मुस्लिम समाज के सदस्यों ने जुमे की नमाज के बाद अनूपशहर रोड पर आतंकवाद का पुतला फूंका और सरकार से आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष पप्पन खान ने बताया कि आज (शुक्रवार को) मुस्लिम समाज के लोगों ने आतंकवाद का पुतला फूंका है।

वहीं हापुड़ जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने जनाक्रोश मार्च निकाला और इस दौरान पाकिस्तान का पुतला फूंका।

संगठनों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के समर्थन में शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर व पोस्टर लेकर सड़कों पर मार्च निकाला और आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की।

मुजफ्फरनगर में पहलगाम आतंकी हमले की मुसलमानों ने कड़ी निंदा की और जिले के खतौली कस्बे की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान काले कपड़े पहनकर विरोध जताया।

मुजफ्फरनगर जिले में मुसलमानों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और इस घटना की निंदा की।

नमाज के बाद मुसलमानों ने ‘शाह इस्लामिक लाइब्रेरी’ स्थित होजवाली मस्जिद में हस्ताक्षर अभियान के जरिये विरोध जताया।

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