देश की खबरें | उप्र: अयोध्या और राम मंदिर चुनावी समर में खासे अहम

लखनऊ, 12 सितंबर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश में पहली बार हो रहे विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दिलों का अपने-अपने चुनाव अभियान की शुरुआत अयोध्या से करना इस बात का पर्याप्त संकेत हैं कि अयोध्या और राम मंदिर राज्य के चुनावी समर में खासे अहम होंगे।

शीर्ष अदालत ने छह नवंबर 2019 को एक ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में कानूनी लड़ाई का केंद्र रही भूमि पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।

विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने के साथ अयोध्या एक बार फिर चर्चा में है। भरतीय जनता पार्टी (भाजपा) हो, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हो या फिर समाजवादी पार्टी (सपा) हो, सभी पार्टियां अपने चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए अयोध्या को चुन रही हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) और जनसत्ता लोकतांत्रिक दल जैसे दलों ने भी अपने चुनावी समर की शुरुआत के लिए अयोध्या को ही चुना है।

अयोध्या निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के वेदप्रकाश गुप्ता विधायक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त 2020 को अयोध्या में भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लगातार राम नगरी आना-जाना रहा है। इससे जाहिर होता है कि भाजपा मंदिर मुद्दे को जिंदा रखने की कोशिश कर रही है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने पांच सितंबर से अपने प्रबुद्ध सम्मेलनों की श्रृंखला की शुरुआत के लिए अयोध्या को ही चुना।

प्रथम प्रबुद्ध सम्मेलन में भाजपा की उप्र इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने वर्ष 1966 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा संसद का घेराव कर रहे संतों पर और 1990 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार द्वारा अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने के आदेश दिए जाने का जिक्र कर यह संकेत दिया कि भाजपा अयोध्या के मुद्दे में अब भी अपनी चुनावी खेती के लिए खाद-पानी देख रही है।

पार्टी ने राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अस्थियों के विसर्जन के लिए अयोध्या स्थित सरयू नदी को ही चुना। अब चुनाव नजदीक आने पर और अधिक संख्या में भाजपा नेताओं की अयोध्या में आवाजाही शुरू हो गई है।

हालांकि पहले की ही तरह अब भी भाजपा अयोध्या और राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार कर रही है।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने 'पीटीआई-' से कहा, "भगवान राम और उनका मंदिर हमारे लिए आस्था का विषय है और हमेशा रहेगा। हमने कभी इसे चुनावी मुद्दे के तौर पर नहीं देखा।"

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