तापी(गुजरात), 20 अप्रैल आदिवासी बहुल तापी जिले के विद्यालयों में छात्रों और कुछ मामलों में शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर किसी विशेष धर्म का प्रचार किए जाने की खबरों के बाद प्रशासन ने ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
जिला प्रशासन ने अधिकारियों को प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में एक विशेष धर्म के प्रचार-प्रसार की गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विभिन्न संगठनों और सोशल मीडिया से प्राप्त खबरों और अर्जियों के आधार पर यह निर्देश दिया गया है। अर्जियों में कहा गया, ‘‘जिले के माध्यमिक/प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों और कुछ मामलों में शिक्षकों द्वारा एक विशेष धर्म का प्रचार किया जा रहा है।’’
जिलाधिकारी विपिन गर्ग ने 16 अप्रैल को जारी एक परिपत्र में कहा, ‘‘हमने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (डीपीईओ) को विद्यालयों में होने वाली अवैध धार्मिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, क्योंकि हमें कुछ खबरें मिली हैं जिनमें दावा किया गया है कि जिले के विद्यालयों में ऐसी गतिविधियां हो रही हैं।’’
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के समक्ष धर्मांतरण संबंधी किसी भी गतिविधि का मामला सामने नहीं आया है।
जिलाधिकारी ने डीईओ और डीपीईओ को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय निर्देशों का अनुपालन करें, ताकि छात्र धार्मिक प्रार्थनाएं, भजन या किसी विशेष धर्म का प्रचार करने वाली पुस्तकें पढ़ने जैसी गतिविधियों में हिस्सा न लें।
डीईओ धारा पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी ने विद्यालयों में धार्मिक गतिविधियों से संबंधित समाचारों के संबंध में भी रिपोर्ट तलब की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY