संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायुक्त फिलिप्पो ग्रांडी ने अफगानिस्तान की अपनी चार दिवसीय यात्रा के समापन पर कहा कि यदि संघर्ष जारी रहता है तो यहां और लोग विस्थापित होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ यदि शांति प्रयास विफल हो जाते हैं तो हमारी आंखों के सामने निश्चित ही देश में एक बड़ी त्रासदी हो सकती है , और मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो। ’’
दशकों से जारी लड़ाई की समाप्ति के लिए अफगान सरकार के वार्ताकारों एवं तालिबान के बीच वार्ता जारी रहने के बावजूद हाल के महीनों में अफगानिस्तान में हिंसा एवं अराजकता बढ़ गयी है।
ग्रांडी ने कहा, ‘‘ मैं सोचता हूं कि हमें यहां हर चीज के लिए तैयार रहने की जरूरत है, हमें और मानवीय मुद्दों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। ’’
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उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अफगानिस्तान के प्रति कटिबद्ध रहने की अपील की और अगले सप्ताह जिनेवा में होने वाले दानकर्ता संकल्प सम्मेलन से पहले विस्थापितों एवं लौट रहे अफगानों के लिए व्यापक सहयोग का आह्वान किया।
इंटरनेशनल ओर्गनाइजेश फॉर माग्रेशन के अनुसार देश में अफगान विस्थापितों के अलावा 745,000 से अधिक लोग इस साल के प्रारंभ से ईरान और पाकिस्तान से लौटे हैं।
ग्रांडी ने सभी पक्षों से अफगानिस्तान में हिंसा घटाने की अपील की।
एपी
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