नयी दिल्ली, 28 मार्च ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शुक्रवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक के विरोध में रमजान महीने के आखिरी जुमे (शुक्रवार) की नमाज में शामिल होने के लिए सांसदों और विधायकों समेत कई मुस्लिमों ने बांह पर काली पट्टी बांधी।
बोर्ड ने पहले मुसलमानों से वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ अपने विरोध के प्रतीक रूप में रमजान के आखिरी जुमे की नमाज में शामिल होने के दौरान काली पट्टी बांधने की अपील की थी।
इस प्रमुख मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, महासचिव मौलाना फजलुर्रहीम मुजद्दिदी, उपाध्यक्ष सैयद सदातुल्ला हुसैनी और सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी समेत अन्य ने नमाज के दौरान बांह पर काली पट्टी बांधी।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, आईयूएमएल सांसद कानी नवास, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कर्नाटक के विधायक रिजवान अरशद उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करते समय बांह पर पट्टी बांध रखी थी।
बोर्ड के महासचिव मुजद्दिदी ने कहा, ‘‘आज रमज़ान के आखरी जुमे के दिन करोड़ों भारतीय मुसलमानों ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। मुसलमान इस विधेयक को खारिज करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार से मांग करते हैं कि वह इस असंवैधानिक वक्फ़ संशोधन विधेयक को तुरंत वापस ले।’’
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