देश की खबरें | यूजीसी ने राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे के मसौदे पर विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगा

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे के मसौदे पर 30 नवंबर तक अपने सुझाव/विचार भेजने को कहा है।

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे का मसौदा जारी किया था।

यूजीसी के सचिव प्रो. राजनीश जैन द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा के समन्वय से शिक्षण पद्धति को अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।

इसमें कहा गया है कि इस उद्देश्य तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अपेक्षाओं को हासिल करने के लिये भारत सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय संचालन समिति एवं आयोग ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा तैयार किया है।

जैन ने कहा कि राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा अकादमिक, व्यावसायिक और प्रयोगात्मक पठन पाठन के लिये निर्बाध संयोजन की व्यवस्था है। इसके तहत सभी स्तर पर सीखने को लेकर क्रेडिट प्रदान करने के साथ क्रेडिट जमा करने, स्थानांतरित करने आदि की व्यवस्था की गई है।

राष्ट्रीय क्रेडिट रूपरेखा में सामान्य अकादमिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा में आने जाने को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) के माध्यम से सुगम बनाया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे के मसौदे को सभी हितधारकों के विचार/सुझाव प्राप्त करने के लिये सार्वजनिक किया गया है । इस पर 30 नवंबर तक सुझाव/विचार भेजे जा सकते हैं ।

राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे का मकसद छात्रों के लिए विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य आदि के भेद को दूर करना, प्रत्येक शिक्षा/कौशल/अनुभव के लिए छात्र को क्रेडिट देना तथा बुनियादी और संज्ञानात्मक, दोनों को शामिल करके मूल शिक्षा के दायरे को बढ़ाना है।

संस्थानों के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में एकीकरण लाएगा, जिससे छात्रों के ज्ञान का विविध और समृद्ध आधार तैयार होगा।

सरकार को उम्मीद है कि यह ढांचा छात्रों के नामांकन में बढ़ोतरी करने, जनसांख्यिकीय लाभांश का पूरक बनने और भारत को विश्व की कौशल राजधानी में तब्दील करने के दृष्टिकोण को पूरा करने में सरकार की सहायता करेगा।

यह उद्योगों द्वारा विकसित राष्ट्रीय कौशल पात्रता ढांचा (एनएसक्यूएफ) अनुमोदित बुनियादी कौशल प्राप्त करने और ज्यादा रोजगारपरक बनने में छात्रों की मदद करेगा।

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