ताजा खबरें | उद्धव 'नकली' शिवसेना चला रहे, असली पार्टी एकनाथ शिंदे के पास : अमित शाह
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ''नकली शिवसेना प्रमुख'' उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे की विरासत पर दावा नहीं कर सकते जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के पूर्व नेताओं राज ठाकरे तथा नारायण राणे के पास है।
रत्नागिरि/सांगली (महाराष्ट्र), तीन मई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ''नकली शिवसेना प्रमुख'' उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे की विरासत पर दावा नहीं कर सकते जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के पूर्व नेताओं राज ठाकरे तथा नारायण राणे के पास है।
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के लिए प्रचार करने के वास्ते रत्नागिरी में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के "वोट बैंक" को गले लगा लिया है।
शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने का मतलब "देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाना" होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ‘इंडी’ गठबंधन "औरंगजेब फैन क्लब" बन गया है और यह देश को नहीं चला सकता।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर स्पष्ट रूप से निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि जो लोग भारत में पारा बढ़ने पर छुट्टियां मनाने थाईलैंड जाते हैं वे देश को नहीं संभाल सकते।
शाह ने पूछा कि क्या "नकली" शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने भाषणों में स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर का उल्लेख कर सकते हैं।
भाजपा नेता ने कहा, "अगर आपको सावरकर का नाम लेने में शर्म आती है तो शिवसेना प्रमुख के तौर पर आप क्या हैं। आप 'नकली' शिवसेना चला रहे हैं। असली शिवसेना एकनाथ शिंदे के साथ है।"
शिंदे ने जून 2022 में ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया था और भाजपा से हाथ मिलाकर राज्य में सरकार बनाई थी। बाद में, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी।
शाह ने कहा, "आपको (उद्धव) बालासाहेब (शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे) की विरासत इस तरह नहीं मिल सकती। आप उनके बेटे हो सकते हैं, लेकिन उनकी विरासत नारायण राणे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे के पास है। आपने उनकी विरासत को छोड़ दिया है।"
राणे ने 2005 में उद्धव से अनबन के बाद शिवसेना छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल होने से पहले कुछ वर्षों तक वह कांग्रेस के साथ रहे। राज ठाकरे ने 2006 में शिवसेना छोड़कर अपनी पार्टी ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ बनाई थी।
राज ठाकरे ने मौजूदा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समर्थन दिया है।
शाह ने यह भी दावा किया कि 2019 में मुख्यमंत्री पद पाने के लिए उद्धव ठाकरे राकांपा और कांग्रेस के पैरों में गिर गए जिन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का विरोध किया था।
भाजपा नेता ने कहा, "जो लोग सत्ता के लिए राहुल गांधी और शरद पवार के सामने आत्मसमर्पण करते हैं, वे महाराष्ट्र के गौरव की रक्षा नहीं कर सकते।"
उद्धव ने 2019 में भाजपा के साथ शिवसेना के लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन को तोड़ दिया था।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और शरद पवार ने राम मंदिर मुद्दे को लटकाए रखा।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने उच्चतम न्यायालय में "मुकदमा जीता" और पांच साल के भीतर राम मंदिर का भूमि पूजन तथा प्राण प्रतिष्ठा की।
शाह ने कहा कि कांग्रेस का वोट बैंक अब उद्धव ठाकरे का वोट बैंक बन गया है।
उन्होंने कहा, ''उद्धव को यह बताना चाहिए कि क्या वह तीन तलाक, मुस्लिम पर्सनल लॉ और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।''
शाह ने जोर देकर कहा कि नरेन्द्र मोदी के तीसरी बार जीतने के बाद पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।
पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली में भाजपा उम्मीदवार संजय काका पाटिल के समर्थन में आयोजित रैली में शाह ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि ''नकली शिवसेना प्रमुख'' को बताना चाहिए कि क्या ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्या नागरिकता (संशोधन) अधिनियम लागू किया जाना चाहिए और क्या तीन तलाक पर प्रतिबंध तथा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण अच्छे घटनाक्रम हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "लेकिन वह अपने नए वोट बैंक के कारण टिप्पणी नहीं करेंगे, जो पहले कांग्रेस और राकांपा का समर्थन करता था। यह वोट बैंक पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बोलेगा या कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराएगा।"
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के इतालवी मूल पर कटाक्ष करते हुए सांगली के लोगों से अपील की कि वे ईवीएम का बटन इस तरह दबाएं कि "करंट इटली में लगे"।
शाह ने कहा कि 2024 का चुनाव ‘जिहाद’ के लिए वोट करने और ‘विकास’ के लिए वोट करने की बात कहने वालों के बीच की लड़ाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह राहुल गांधी की "चीनी गारंटी" (स्पष्ट रूप से अविश्वसनीय वादे) और "मोदी की भारतीय गारंटी" के बीच की लड़ाई भी है।
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला करते हुए शाह ने पूछा, "प्रधानमंत्री पद के लिए उनका चेहरा कौन है? क्या शरद पवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके) स्टालिन प्रधानमंत्री बन सकते हैं? एक जोकर जैसे नेता ने कहा कि सभी को पद मिलेगा।"
उन्होंने कहा कि ये ''भ्रष्ट नेता'' मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते जिन पर भ्रष्टाचार का जरा सा भी आरोप नहीं है।
शाह ने कहा, ''पवार, उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हुए।'' उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा कि क्या वे ऐसे नेताओं का समर्थन करेंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों को भारत में हमले करने की खुली छूट थी, लेकिन जब उरी और पुलवामा में आतंकी हमले हुए तो पाकिस्तान भूल गया कि कमान मोदी के हाथ में है, न कि मनमोहन सिंह के हाथ में।
शाह ने कहा, "मोदी ने पाकिस्तान के अंदर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया।"
गृह एवं सहकारिता मामलों के मंत्री शाह ने कहा कि शरद पवार को बताना चाहिए कि महाराष्ट्र में चीनी मिलों की संख्या 202 से घटकर लगभग 100 क्यों रह गई, और केवल तीन जिला सहकारी बैंक अपने आप क्यों काम कर रहे हैं जबकि बाकी पर (अनियमितताओं के कारण) प्रशासक नियुक्त हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2024 08:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

