देश की खबरें | आंध्र प्रदेश में दो वर्षीय लड़की के मंकीपॉक्स से संक्रमित न होने की पुष्टि

अमरावती, 17 जुलाई आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दो साल की बच्ची के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने का संदेह था, लेकिन पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में उसके रक्त के नमूने की जांच में पुष्टि हुई है कि उसे संक्रमण नहीं है।

राज्य के स्वास्थ्य निदेशक जे. निवास ने कहा कि दुबई से विजयवाड़ा आई दो साल की बच्ची के हाथों पर छाले मिले थे। उसे रविवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और एहतियात के तौर पर अलग थलग रखा गया।

निवास ने एक विज्ञप्ति में कहा, ''हमने बच्ची के रक्त के नमूनों को जांच के लिए एनआईवी-पुणे भेजा और उनमें मंकीपॉक्स संक्रमण नहीं मिला। बच्चे का परिवार किसी और के संपर्क में नहीं आया।''

निवास ने कहा, ''आंध्र प्रदेश में मंकीपॉक्स का कोई मामला नहीं है। चिंता की कोई बात नहीं है।''

देश में 14 जुलाई को केरल में मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया था। वह व्यक्ति यूएई से लौटा था और वायरस से संक्रमित पाया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स एक जूनोसिस वायरल (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक की तरह लक्षण दिखाई देते हैं।

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