देश की खबरें | शिमला-कालका रेल मार्ग के कालका-कोटी खंड पर दो विशेष ट्रेन शुरू की गईं

शिमला, पांच सितंबर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल शिमला-कालका नैरो गेज रेलवे लाइन के कालका-कोटी खंड पर मंगलवार को दो विशेष ट्रेन शुरू की गईं। रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सोमवार को सफल परीक्षण के बाद इस खंड पर दो विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन किया गया।

जुलाई में कई जगहों पर पटरी क्षतिग्रस्त होने के बाद कालका-शिमला लाइन पर ट्रेन परिचालन निलंबित कर दिया गया था।

रेलवे अधिकारियों के मार्ग को ठीक घोषित करने के बाद 20 जुलाई को शिमला-सोलन रेल मार्ग पर एक विशेष ट्रेन शुरू की गई थी।

गत 24 अगस्त को भूस्खलन में 50 मीटर लंबे पुल के बह जाने से शिमला के समरहिल के पास पटरी को गंभीर नुकसान पहुंचा था और इसका एक हिस्सा लटक गया था।

अधिकारियों ने बताया कि शिमला से कालका तक 20 से 25 जगहों पर पटरी क्षतिग्रस्त है। उन्होंने कहा कि पटरी की मरम्मत का काम जोरों पर है और सितंबर के अंत तक यहां ट्रेन सेवाएं बहाल होने की उम्मीद है।

समयसारिणी के मुताबिक, पहली ट्रेन सुबह सात बजे कालका से चलकर 7.55 बजे कोटी पहुंचेगी और सुबह 8.20 बजे वहां से वापस चलकर 9.15 बजे कालका आएगी। इसके अनुसार, दूसरी ट्रेन कालका से अपराह्न तीन बजे चलेगी और शाम 4.20 बजे कोटी से वापस आएगी।

दुर्गम पहाड़ी इलाकों में स्थित 96 किलोमीटर लंबे शिमला-कालका रेल मार्ग में 102 सुरंग, 800 पुल और 919 तीव्र ढलान वाले मोड़ हैं। करीब चार दशक पहले सुरंग संख्या 46 के ढह जाने से सुरंगों की संख्या घटकर अब 102 रह गई है।

लगभग 1,590 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने वाले इस रेल मार्ग को इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना माना जाता है और यह राज्य में पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

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