अहमदाबाद, 25 जून गुजरात में राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान से दूर रहने के कई दिनों के बाद भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के विधायक छोटू वसावा और उनके बेटे महेश ने ‘अपनी जान को खतरा बताते हुए’ सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने इस संदर्भ में राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है।
छोटू बसावा बीटीपी के संस्थापक हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जबकि उनके बेटे महेश नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा सीट से विधायक हैं। पार्टी के 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में दो सदस्य हैं।
यह भी पढ़े | बिहार में आकाशीय बिजली ने मचाया कोहराम, आज 83 लोगों की मौत- पीएम मोदी ने जताया दुख.
भरुच जिले के झागडिया से विधायक छोटू बसावा ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि उनके जान को खतरा है क्योंकि वे सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ हैं और आदिवासियों को सामाजिक न्याय और अधिकार दिलाने के लिए लड़ रहे हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 24 जून को लिखे पत्र में छोटू ने दावा किया कि सामंतवादी सोच वाले लोग समाज और लोगों के बीच खाई उत्पन्न कर रहे हैं जिससे सामाजिक स्तर पर कटुता बढ़ रही है।
वसावा ने पत्र में कहा,‘‘ गुजरात सरकार, पुलिस और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर पहले भी फर्जी मुठभेड़ की साजिश रच चुकी है और यह भविष्य में भी हो सकता है।’’
विधानसभा में वरिष्ठ विधायक ने कहा कि उन्होंने और उनके बेटे ने आदिवासियों की अनदेखी का मसला उठाने के लिए 19 जून को राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान से दूरी बनाई।
उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘हम आदिवासियों के कल्याण के लिए संविधान की पांचवी अनुसूची लागू नहीं किए जाने के विरोध में राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान से दूर रहे... हम पर संभावित जानलेवा हमले के खतरे को देखते हुए यथाशीघ्र सुरक्षा मुहैया कराना जरूरी है।’’
उल्लेखनीय है कि वसावा चार राज्य सभा सीटों के लिए होने वाले मतदान में शामिल नहीं हुए। इससे पहले उन्होंने कहा था कि आदिवासियों के कल्याण के लिए संविधान की पांचवी अनुसूची लागू करने का लिखित आश्वासन देने वाले के पक्ष में ही मतदान करेंगे।
इस चुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर दर्ज की जबकि कांग्रेस के खाते में एक सीट गई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY