तिरुवनंतपुरम, 28 अक्टूबर केरल के दो मंत्रियों को यहां की अदालत ने विधानसभा में हंगामा करने के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले में जमानत दे दी।
बता दें कि यह घटना 13 मार्च 2015 में कांग्रेस नीत यूडीएफ की सरकार के दौरान विधानसभा में हुई थी।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आर जयकृष्णन की अदालत ने मंत्री ईपी जयाराजन और केटी जलील को जमानत दी जो इस मामले में अदालत के समक्ष पेश हुए। इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
दो मंत्रियों को यह राहत केरल उच्च न्यायालय द्वारा मामले में जारी समन पर रोक लगाने से इनकार करने के एक दिन बाद मिली है।
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उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने दोनों मंत्रियों को तत्कालीन वित्त मंत्री के एम मणि को बजट पेश करने से रोकने के लिए एलडीएफ विधायकों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने को लेकर दर्ज आपराधिक मामले में 28 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया था।
निचली अदालत मौजूदा वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की सरकार द्वारा तत्कालीन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) द्वारा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निषेध कानून के तहत दर्ज इस मामले को वापस लेने की अर्जी भी खारिज कर चुकी है।
इस मामले में एलडीएफ नेता एवं तत्कालीन विधायक अजीत, वी शिनकुट्टी, केसी सदाशिवन और के कुन्नहम्मद भी आरोपी है जो पहले अदालत में पेश हुए थे और उन्हें मामले में जमानत मिल चुकी है।
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