देश की खबरें | बेंगलुरु में कोविड-19 नहीं होने का फर्जी प्रमाण-पत्र देने वाले दो स्वास्थ्य कर्मी निलंबित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शहर के नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल के लैब टेक्नीशियन और एक ‘आशा’ स्वास्थ्य कर्मी को कथित रूप से फर्जी कोविड-19 निगेटिव प्रमाण-पत्र जारी करने पर निलंबित किया गया है जबकि स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिये कदम उठाए जाएंगे।
बेंगलुरु, 27 अक्टूबर शहर के नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल के लैब टेक्नीशियन और एक ‘आशा’ स्वास्थ्य कर्मी को कथित रूप से फर्जी कोविड-19 निगेटिव प्रमाण-पत्र जारी करने पर निलंबित किया गया है जबकि स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिये कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस घटना को गंभीरता से देख रही है और दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
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संवाददाताओं से बात करते हुए सुधाकर ने कहा कि उनके संज्ञान में अस्पताल से फर्जी निगेटिव रिपोर्ट जारी करने का मामला आया था जिसके बाद संयुक्त आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों के दल को निरीक्षण के लिये भेजा गया था।
उन्होंने कहा, “कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट जारी कर रहे संविदा पर रखे गए लैब टेक्नीशियन और आशा कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।”
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के सूत्रों के मुताबिक संक्रमित मिलने वाले मरीजों को कोविड-19 निगेटिव प्रमाण-पत्र देने के बदले दोनों 1500 रुपये तक लेते थे। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तो जांच तक नहीं की गई।
सुधाकर ने कहा कि गड़बड़ियों को दुरुस्त करने केलिये कड़े नियम बनाए जाएंगे जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं का दोहराव न होना सुनिश्चित हो।
खुद चिकित्सा पेशेवर डॉ. सुधाकर ने कहा, “एक डॉक्टर के तौर पर यह घटना मुझे आहत करती है। अवैध जरिये से रुपये कमाना चिकित्सा पेशे का असम्मान है।”
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