मुंबई, 23 जनवरी अपनी सह-कलाकार तुनिषा शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार अभिनेता शीजान खान ने जमानत और मामले को रद्द करने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है।
खान ने अपनी याचिका में कहा है कि किसी से संबंध बनना और टूटना जीवन का सामान्य पहलू है और इसलिए उसे तुनिषा (21) की मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
खान की जमानत याचिका पर मंगलवार को न्यायमूर्ति एम.एस. कार्णिक की एकल पीठ सुनवाई करेगी, प्राथमिकी को रद्द करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की उनकी दूसरी याचिका पर न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पी.के. चव्हाण की खंडपीठ द्वारा 30 जनवरी को सुनवाई की संभावना है।
टीवी सीरियल ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ में काम करने वाली तुनिषा 24 दिसंबर, 2022 को महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई के पास सीरियल के सेट पर शौचालय में फंदे से लटकी पाई गई थीं। खान (28) को अभिनेत्री को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल ठाणे की जेल में बंद है।
मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए खान ने कहा कि अगर दो लोगों के बीच किसी भी तरह का रिश्ता है और अगर रिश्ता परस्पर सहमति से या उनमें से किसी एक के द्वारा भी खत्म हो जाता है, तो दूसरे व्यक्ति द्वारा आत्महत्या करने के तथ्य के आधार पर अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत को न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है।
याचिका में कहा गया है कि खान के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह पता चले कि उन्होंने तुनिषा शर्मा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के इरादे से कोई काम किया था।
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