अगरतला, 20 जून पश्चिम त्रिपुरा जिले में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा संचालित छात्रावास में बृहस्पतिवार को भोजन करने के बाद कम से कम 30 छात्राएं बीमार हो गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी विशाल कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार ने बोधजंग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और महारानी तुलसीबाटी स्कूल की छात्राओं के दूषित भोजन खाने से तबीयत बिगड़ने की घटना की जांच के आदेश दिये।
दोनों सरकारी स्कूलों की छात्राएं इंदिरानगर क्षेत्र में एनजीओ द्वारा संचालित छात्रावास में रहती थीं और अपने-अपने संस्थानों में जाने से पहले भोजन करती थीं।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले दो लड़कियों ने पेट दर्द की शिकायत की और जल्द ही अन्य छात्राओं ने भी यही शिकायत की। छात्राओं को जी.बी.पी. अस्पताल ले जाया गया।"
उन्होंने कहा, "छात्रावास से जांच के लिए भोजन के नमूने एकत्र किए गए हैं। यदि छात्रावास अधिकारियों द्वारा छात्राओं को परोसे गए भोजन में कुछ भी प्रतिकूल पाया जाता है तो हम उचित कदम उठाएंगे। छात्राओं की हालत स्थिर बताई गई है।"
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि यह 'भोजन विषाक्तता' का मामला प्रतीत होता है।
साहा ने अस्पताल में छात्राओं से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "छात्राओं की हालत स्थिर है... सरकार ने आवश्यक कदम उठाने के लिए घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY