कोहिमा, 15 नवंबर नगालैंड के उपमुख्यमंत्री टी आर जेलियांग ने राज्य के लोगों से जनजातिवाद को परास्त करने और नगाओं के रूप में खड़े होने का लक्ष्य रखने का बुधवार को आह्वान किया।
नगालैंड, एक आदिवासी राज्य है जहां 17 मान्यता प्राप्त प्रमुख जनजातियां और कई उप-जनजातियां हैं, जो 16 जिलों में फैली हुई हैं।
राज्य की राजधानी कोहिमा में जनजातीय गौरव दिवस के जश्न के तहत जनजातीय मामलों के विभाग द्वारा आयोजित जनजातीय मार्च को हरी झंडी दिखाने के समारोह में जेलियांग ने उम्मीद जतायी कि जनजातीय मार्च जनजातियों के बीच अधिक एकता और भाईचारे की भावना लाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अपील की, ‘‘आइये हम जनजातिवाद को परास्त करने और नगा के रूप में एकजुट होने का लक्ष्य रखें।’’
जेलियांग ने कहा कि भारत सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय दिवस के रूप में सही ही चुना है क्योंकि यह एक महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जबकि स्वतंत्रता संग्राम में कई महान हस्तियों को याद करते हैं, कुछ आदिवासी नेताओं को उनके योगदान के लिए शायद ही कभी याद किया जाता है। नगा समुदाय के ऐसे व्यक्तित्व भी हो सकते हैं जिन पर किसी का ध्यान नहीं गया, इसलिए हमें उनका पता लगाना चाहिए और रिकॉर्ड रखना चाहिए और उनके जीवन का जश्न मनाने का दिन निर्धारित करना चाहिए।’’
पारंपरिक पोशाक पहने विभिन्न जनजातियों के सैकड़ों पुरुष और महिला नगा, कोहिमा कॉलेज से नगालैंड विधानसभा गेट तक आदिवासी मार्च में शामिल हुईं।
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