इंदौर, 10 अगस्त ट्रांसपोर्टरों के एक प्रमुख संगठन ने सोमवार को दावा किया कि मध्य प्रदेश में उसकी हड़ताल के पहले दिन आज राज्य में 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार थम गया और इससे सरकारी खजाने को लगभग 400 करोड़ रुपये के कर राजस्व की हानि हुई।
हड़ताल में शामिल संगठनों के अगुवा ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के उपाध्यक्ष (पश्चिमी क्षेत्र) विजय कालरा ने कहा, "हमारे तीन दिवसीय लॉकडाउन के पहले दिन प्रदेश में करीब 6.5 लाख वाणिज्यिक वाहनों का चक्का थम गया। इनमें ट्रक और छोटी वाणिज्यिक गाड़ियां शामिल हैं।"
उन्होंने कहा, ‘‘इस लॉकडाउन के पहले दिन अलग-अलग उत्पादों का 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप रहा जिससे सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये के कर राजस्व की हानि हुई।"
इस बीच, राज्य की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई।
हालांकि, कारोबारियों के संगठन अहिल्या चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा, ‘‘चूंकि ट्रांसपोर्टरों ने अपनी हड़ताल की घोषणा कुछ दिन पहले ही कर दी थी। इसके मद्देनजर व्यापारियों ने पर्याप्त माल का स्टॉक पहले ही कर लिया था। वैसे हम ट्रांसपोर्टरों की मांगों का समर्थन करते हैं।’’
हड़ताल में शामिल संगठन ट्रांसपोर्ट कारोबार पर कोविड-19 की मार का हवाला देते हुए सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि डीजल पर मूल्य संवर्धित कर (वैट) घटाया जाए और इस वित्त वर्ष की दो तिमाहियों (अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर) में पथ कर (रोड टैक्स) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में छूट दी जाए।
संगठनों की यह मांग भी है कि राज्य सरकार द्वारा ट्रक चालकों का कोविड-19 का बीमा कराया जाए।
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