देश की खबरें | मृत्युदर पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए पंजीकृत मौतों के आंकड़े जारी करे : शोधकर्ता
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नयी दिल्ली, चार अगस्त देश के 200 से अधिक शोधकर्ताओं, महामारी विशेषज्ञों और जन स्वास्थ्य पेशेवरों ने भारत में मृत्युदर पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए सरकार से पंजीकृत मौतों के आंकड़े जारी करने की मांग की है।
इस संबंध में भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त, राज्यों के पंजीयक और अन्य सरकारी एजेंसियों जो इन मौतों को रिकॉर्ड करती हैं, से अपील करते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु को पंजीकृत करने वाली प्रणाली ‘अप्राप्य स्वास्थ्य निगरानी उपकरण’ है जो विशेष तौर पर महामारी से निपटने में महत्वपूर्ण है।
शोधकर्ताओं ने कहा, ‘‘इन आंकड़ों से अधिक मृत्यु दर की गणना करने में मदद मिलेगी क्योंकि हमारा मानना है कि यह सामान्य से अधिक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकारी एजेंसियों द्वारा इन आंकड़ों को सार्वजनिक कर दिया जाता है, तो इन आंकड़ों से भारत में वास्तविक समय में कोविड-19 महामारी से मृत्युदर पर असर का पता लगाने और इससे निपटने के लिए नीति बनाने में मदद मिलेगी।’’
दो अगस्त को लिखे पत्र में कहा गया, ‘‘हम , जिन्होंने इस पत्र पर हस्ताक्षर किया है, सरकारी अधिकारियों से आह्वान करते हैं कि वे तत्काल पंजीकृत मौतों के आंकड़े जारी करें ताकि भारत में मृत्युदर पर कोविड-19 के असर का पता लगाया जा सके।’’
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या गत 24 घंटे में सामने आए 52,050 नये मामलों के साथ 18,55,745 तक पहुंच गई। वहीं मंगलवार को दर्ज 803 मौतों के साथ कोविड-19 से कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 38,938 हो गई है।
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