नयी दिल्ली, 17 जनवरी पुरातत्वविद दिल्ली स्थित 16वीं शताब्दी के पुराना किला में नए दौर की खुदाई शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिसका मकसद पूर्व में खुदाई के दौरान मिली खाइयों के बारे में और अधिक जानना और उन्हें संरक्षित करना है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा,‘‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान (एएसआई) दिल्ली स्थित पुराना किला में फिर से खुदाई कराने के लिए तैयार है। खुदाई की अगुवाई वसंत स्वर्णकार करेंगे और यह पुराना किला में खुदाई का तीसरा चरण होगा। इसके पहले, वर्ष 2013-14 में और 2017-18 में यहां खुदाई की गई थी।’’
बयान में कहा गया है कि हालिया खुदाई का उद्देश्य खाइयों के बारे में और अधिक जानना और उनका संरक्षण करना है। एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘घास हटाने समेत अन्य प्रारंभिक कार्य आरंभ हो गए हैं और खुदाई जल्द शुरू होगी।’’
बयान में कहा गया है कि पूर्व चरण की खुदाई बंद करने के दौरान मौर्य काल से पहले की परतों के साक्ष्य मिले थे। इसमें कहा गया कि पुराना किला में पूर्व की खुदाइयों से भी यहां 2500 साल से अनवरत लोगों के बसने के साक्ष्य मिले हैं।
मंत्रालय की ओर से कहा गया, ‘‘पूर्व की खुदाई से मिले तथ्य और कलाकृतियां (जिसमें चित्रित धूसर मृदभांड शामिल हैं) 900 ईसा पूर्व की हैं और इनका संबंध मौर्य से लेकर शुंग, कुषाण, गुप्त, राजपूत, सल्तनत और मुगल काल से है।’’
पुराना किला का निर्माण शेरशाह सूरी और मुगल सम्राट हुमायूं ने कराया था। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रोफेसर बी बी लाल ने भी इस किले के परिसर में वर्ष 1954 और 1969-73 में खुदाई कराई थी।
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