जरुरी जानकारी | टायर निर्यात 2021-22 में 50 प्रतिशत बढ़कर 21 हजार करोड़ के पार

नयी दिल्ली, 10 जून देश से टायर निर्यात वित्त वर्ष 2021-22 में 50 प्रतिशत बढ़कर 21,178 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले साल टायर निर्यात 14 हजार करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा था। ऑटोमोटिव टायर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटमा) ने वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से यह कहा।

एसोसएिशन के चेयरमैन सतीश शर्मा ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पिछले दो वित्त वर्ष में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार कोविड महामारी के कारण प्रभावित हुआ है, इसके बावजूद इस दौरान भारत से टायर निर्यात लगभग 70 प्रतिशत बढ़ा। निर्यात के मामले में यह प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर उत्पन्न नये परिदृश्य में भारत से बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में भारतीय टायर उद्योग की क्षमता का प्रमाण है।’’

उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश से टायर निर्यात वित्त वर्ष 2021-22 में 50 प्रतिशत बढ़कर 21,178 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले साल टायर निर्यात 14 हजार करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा था।

भारतीय टायर विनिर्माताओं ने नई तकनीक पर आधारित वैश्विक स्तर के कारखाने स्थापित किए, जिसके कारण निर्यात में बढ़ोतरी हुई। उत्पादों के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की वैश्विक छवि भी मजबूत हुई है।

शर्मा ने आगे कहा, ‘‘उद्योग को सरकार की आत्मनिर्भर नीति से बहुत मदद मिली है। टायरों के मनमाने आयात पर रोक से उद्योग को विस्तार का मौका मिला और साथ ही उत्पादन बढ़ाने एवं वैश्विक आपूर्ति शृंखला का हिस्सा बनने में मदद मिली।’’

भारत में बने टायर 170 से ज्यादा देशों में निर्यात किए जाते हैं, जबकि 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अमेरिका, भारतीय टायर का सबसे बड़ा खरीदार है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)