देश की खबरें | रणथंभौर बाघ अभ्यारण में बाघिन टी 84 ने तीन शावकों को जन्म दिया

जयपुर, 25 जुलाई राजस्थान के सवाई माधोपुर के रणथंभौर बाघ अभ्यारण में वन विभाग के रेंज में फील्ड स्टाफ ने बाघिन टी-84 (एरोहेड) को सोमवार को तीन शावकों के साथ देखा। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

रणथंभौर बाघ अभ्यारण के निदेशक पी. कथिरवेल ने बताया, “तीन शावकों को बाघिन टी-84 के आसपास घूमते देखा गया। शावक की उम्र करीब डेढ़ माहीना है ।यह दूसरा मौका है जब उसने नौ साल बाद तीन शावकों को जन्म दिया है।''

अधिकारी ने बताया कि टी-19 की बेटी टी-84 शावकों को जन्म देने से पहले काफी कमजोर लग रही थी, जिसके बाद उसे विशेष निगरानी में रखा गया था, लेकिन अब वह फिट है।

शावकों के जन्म को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुशी जताते हुए कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को ट्वीट में कहा, ‘‘वन के नए मेहमान का स्वागत करे राजस्थान। रणथंभौर के वन से बाघ के तीन नए शावकों के जन्म का सुखद समाचार प्राप्त हुआ। जंगल का ये खूबसूरत वीडियो हमारी बाघ एवं वन्य जीव संरक्षण की प्रतिबद्धता की पुष्टि कर रहा है।’’

उन्होंने लिखा, 'राजस्थान बाघ अभ्यारण टीम को हार्दिक बधाई व शाबाशी।'

उल्लेखनीय है कि 1,334 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला रणथंभौर टाइगर रिजर्व (आरटीआर) लगभग 89 बाघों का निवास स्थान है। देश में बाघों की सबसे अधिक संख्या के लिहाज से यह तीसरे स्थान पर है। इससे पहले 252 बाघों के साथ उत्तराखंड का कॉर्बेट नेशनल पार्क और 118 बाघों के साथ असम का काजीरंगा नेशनल पार्क का नंबर है।

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