देश की खबरें | जम्मू कश्मीर में मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी मारे गये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के बटमालू इलाके में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी मारे गए और एक महिला की भी इसकी चपेट में आने से मौत हो गई। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक अधिकारी समेत दो कर्मी घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्रीनगर, 17 सितंबर जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के बटमालू इलाके में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी मारे गए और एक महिला की भी इसकी चपेट में आने से मौत हो गई। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक अधिकारी समेत दो कर्मी घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारी की हालत गंभीर है।
अधिकारियों ने बताया कि वहां आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने बटमालू के फिरदौसाबाद इलाके में बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था।
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिसके बाद मुठभेड़ शुरु हो गई।
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अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में कौसर रियाज (45) नाम की एक महिला की मौत हो गई। वहीं सीआरपीएफ के एक अधिकारी समेत दो कर्मी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मारे गये आतंकवादियों की पहचान जाकिर अहमद पॉल, उबैर मुश्ताक भट्ट और आदिल हुसैन भट्ट के रूप में की गयी है।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ये सभी आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबद्ध है। वे श्रीनगर शहर और दक्षिण कश्मीर में हुए कई हमलों में शामिल थे।’’
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए सभी तीन आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के स्थानीय बाशिंदे थे।
श्रीनगर में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात को सुरक्षा बलों ने एक सुराग पर कार्रवाई करते हुए एक घर को घेर लिया जहां आतंकवादी छुपे हुए थे।
सिंह ने बताया, ‘‘उन्हें समर्पण करने का मौका दिया गया लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया और गोलीबारी कर दी। मुठभेड़ की शुरुआत में सीआरपीएफ के एक अधिकारी और एक जवान घायल हो गए। अधिकारी की हालत गंभीर है और हम उनके ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि बलों ने पेशेवर तरीके से अभियान चलाया और तीनों आतंकवादियों को मार गिराया।
डीजीपी ने बताया, ‘‘दोनों ओर से हो रही गोलीबारी में एक महिला की मौत हो गई। उनकी मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’’
अधिकारी के साथ कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजय कुमार, श्रीनगर सेक्टर के सीआरपीएफ के आईजी चारू सिन्हा थे।
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किया गया है।
सिंह ने बताया कि दक्षिण और उत्तर कश्मीर के जिलों से आतंकवादी श्रीनगर में सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए आ रहे हैं।
डीजीपी ने बताया, ‘‘14 अगस्त को, उन्होंने नौगाम में हमारे दल को निशाना बनाया और दो पुलिस कर्मियों को मार दिया। इससे पहले, उन्होंने शहर के बाहरी हिस्से में स्थित पंडाच में बीएसएफ के दो कर्मियों की हत्या कर दी थी। फिर उन्होंने पंठा चौक पर कोशिश की जहां हमने अपने बहादुर एसओजी जवान को खोया।’’
उन्होंने बताया कि पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें सतर्क हैं और उन्हें जब कभी भी शहर में आतंकवादियों के होने का सुराग मिलता है तो कोशिश यह रहती है कि जान-ओ-माल का कोई नुकसान नहीं हो।
सिंह ने बताया, ‘‘आज का अभियान श्रीनगर में हाल में चलाया गया सातवां अभियान था।’’
केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस प्रमुख ने कहा कि इस साल अबतक 72 अभियानों में 177 आतंकवादियों को ढेर किया जा चुका है।
डीजीपी ने कहा, ‘‘शांति के संदर्भ में, 2020, 2019 की तुलना में हर मापदंड में बेहतर है। इस साल हमने 72 अभियान चलाए जिनमें 177 आतंकवादी मारे गये, जिनसे से 12 जम्मू में मारे गए हैं।’’
उन्होंने बताया कि इन 177 में से 22 दहशतगर्द पाकिस्तान के हैं। यह दिखाता है कि पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों में सीधे शामिल है।
सिंह ने कहा, ‘‘लश्कर और जैश जैसे संगठनों में काम करने वाले अधिकतर आतंकवादी पाकिस्तानी हैं। मुझे उम्मीद है जिस तरह से बल अभियान चला रहे हैं, उसे देखते हुए हम शांति स्थापना और अभियान मोर्चे पर और सफलता हासिल करेंगे।’’
डीजीपी ने कहा, ‘‘हम आतंकवादियों को समर्पण का मौका देते हैं। यह मौका तब भी दिया जाता है जब गोलीबारी हो रही होती है। हम उन युवाओं को वापस लाने की भी कोशिश कर रहे हैं जो गलत रास्ते पर चले गए हैं और हमने इस मोर्चे पर सफलता हासिल की है। मेरे ख्याल से, करीब 20 नौजवानों को वापस लाया गया है और उनके परिवारों से मिलाया गया है।’’
उन्होंने युवाओं से गलत रास्ते पर नहीं जाने की अपील की और कहा कि यह समाज को खतरे में डालता है।
सिंह ने कहा, ‘‘जहां भी बंदूक या गोली या ग्रेनेंड जाता है, वहां जान की हानि होती है। हम इससे तभी बच सकते हैं जब हम आतंकवाद का रास्ता छोड़े और शांति के लिए मार्ग प्रशस्त करें। मेरे ख्याल से पाकिस्तान हमारे युवाओ को भड़काने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा और वह अल बद्र जैसे (आतंकवादी) संगठन फिर से खड़े करने की कोशिश में है और उसने पीएएफएफ (पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट) और टीआरएफ (द रेजिस्टन्स फ्रंट) नाम के नए संगठन बनाए हैं। कराची में पाकिस्तानी एजेंसियां इन चीजों की योजना बना रही हैं और अमल कर रही हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। यहां के युवाओं के पास अपनी जिंदगी और करियर बनाने का अधिकार है, लेकिन वहां पाकिस्तान का दखल है।’’
मुठभेड़ स्थल के पास मीडिया कर्मियों पर कथित हमले पर डीजीपी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी चीजे नहीं होनी चाहिए।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2020 08:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

