पणजी, 25 नवंबर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि मुरगांव पत्तन न्यास (एमपीटी) पर एक साल के भीतर कोयले के परिवहन में पचास प्रतिशत तक कमी लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब गोवा से कर्नाटक को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रस्तावित विस्तारीकरण और दक्षिण पश्चिम रेलवे लाइन के दोहरीकरण का विरोध किया जा रहा है।
विरोध करने वालों का कहना है कि इन परियोजनाओं को कोयला कंपनियों को लाभ देने के वास्ते शुरू किया गया है ताकि उनके माल को एमपीटी से कर्नाटक ले जाया जा सके।
सावंत ने संवाददाताओं से कहा, “यदि खनन का कार्य दोबारा शुरू किया जाता है तो हम एमपीटी पर कोयले की निर्भरता कम कर देंगे। यदि लौह अयस्क का निर्यात प्रारंभ होता है तो पत्तन पर कोयले के लिए जगह नहीं होगी। सरकार एमपीटी पर कोयले के स्थान पर दूसरे माल की ढुलाई पर काम कर रही है।”
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उन्होंने कहा, “सरकार एमपीटी पर कोयले की ढुलाई पूरी तरह से बंद करना चाहती है लेकिन शुरुआत में एक साल में इसमें पचास प्रतिशत तक कटौती की जाएगी।”
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