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ताजा खबरें | कोरोना महामारी के दीर्धकालिक प्रभाव को समझने के लिए और अध्ययन होना चाहिए: राकांपा सदस्य

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा सदस्य वंदना चव्हाण ने बुधवार को कहा कि लोगों के स्वास्थ्य पर कोरोना महामारी के दीर्घकालिक प्रभाव को समझने के लिए और अध्ययन होना चाहिए, अन्यथा यह एक ‘‘समानांतर महामारी’’ का स्वरूप ले सकती है।

ताजा खबरें | कोरोना महामारी के दीर्धकालिक प्रभाव को समझने के लिए और अध्ययन होना चाहिए: राकांपा सदस्य

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर राज्यसभा सदस्य वंदना चव्हाण ने बुधवार को कहा कि लोगों के स्वास्थ्य पर कोरोना महामारी के दीर्घकालिक प्रभाव को समझने के लिए और अध्ययन होना चाहिए, अन्यथा यह एक ‘‘समानांतर महामारी’’ का स्वरूप ले सकती है।

राज्यसभा में विशेष उल्लेख के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सदस्य ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमण के मामलों की दैनिक संख्या भारी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि कोविड का सबसे बुरा दौर खत्म होता दिख रहा है, हालांकि संक्रमित आबादी के बीच इसके विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभावों के पर्याप्त सबूत भी सामने आ रहे हैं।

चव्हाण ने कहा कि ठीक होने के बाद भी कुछ लोगों में ‘‘दीर्घकालिक कोविड’’ के रूप में इसका असर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें लगातार थकान, सिरदर्द और सांस लेने जैसी तकलीफ शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक शोध में भी इसकी पुष्टि हुई है।

चव्हाण ने कहा कि कई लोगों को मधुमेह और हृदय की समस्याओं जैसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ा है।

बीमारी के दीर्घकालिक प्रभाव पर अधिक अध्ययन की अपनी मांग के पक्ष में चव्हाण ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई में हृदयाघात और दिल की बीमारियों के मामलों में 2017 (कोविड पूर्व) के मुकाबले 2022 में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, ''इन सभी सबूतों के आलोक में, मानव शरीर पर कोविड-19 के दीर्घकालिक प्रभाव को समझने के लिए और अध्ययन किए जाने चाहिए, अन्यथा यह एक समानांतर महामारी बन सकता है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एस सेल्वागणपति ने कहा कि पुडुचेरी में एक एकीकृत दवा नवाचार पार्क स्थापित करने से फार्मा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल गुणवत्तापूर्ण दवाओं के निर्माण में भारत अग्रणी भूमिका निभाएगा बल्कि सस्ती कीमतों पर स्वदेशी दवाओं के उत्पादन में उसे आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा।

भाजपा के शंभू शरण पटेल ने कहा कि मोकामा टाल क्षेत्र से पानी निकासी की योजना राज्य सरकारा द्वारा तीन चरणों में पूरी की जानी थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पायी है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोग रबी की फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस योजना की निगरानी करे और जल्द से जल्द एक विशेषज्ञ दल वहां भेजे।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पी विल्सन ने कहा कि केंद्र को तमिलनाडु के लंबित 19,053 करोड़ रुपये का बकाया चुकाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बकाये का भुगतान नहीं होने से राज्य की वृद्धि और उसका विकास बाधित हो रहा है।

आम आदमी पार्टी (आप) के सुशील गुप्ता ने 40 लाख रुपये की बॉन्ड नीति लागू करने के हरियाणा सरकार के फैसले के खिलाफ वहां एमबीबीएस छात्रों की हड़ताल का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस नीति को खत्म किया जाना चाहिए।

उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस मामूली है, जबकि हरियाणा में इसे बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है।

भाजपा के संजाओबा लेशंबा ने मांग की कि मणिपुर सेक्टर में भारत-म्यांमार सीमा मुद्दे को राजनयिक स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सीमा स्तंभों के बारे में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामले को देखने के लिए कुछ महीने पहले इस क्षेत्र का दौरा किया था।

भाजपा के बृजलाल ने इससे पहले, शून्य काल के दौरान एएमयू ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू ना किए जाने का मामला उठाया और कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्रों के हितों में यह व्यवस्था जल्द से जल्द लागू की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और एएमयू की स्थापना से जुड़े कानून में सिर्फ हिन्दू और मुस्लिम का फर्क है। उन्होंने कहा कि बीएचयू में जहां आरक्षण की व्यवस्था मौजूद है वहीं एएमयू में आरक्षण लागू नहीं है।

भाजपा की कविता पाटीदार ने बोरवेल में गिरने से बच्चों की मौत के बढ़ते मामलों की ओर सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा कि यह एक गंभीर चुनौती बन गयी है। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक कठोर कानून बनाए जाने की मांग की।

भाजपा के ही हरिद्वार दुबे ने आगरा से बलिया के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग की वहीं इसी पार्टी के सुमेर सिंह सोलंकी ने मनमाड़-इंदौर के बीच 105 साल पहले प्रस्तावित रेल लाइन शुरू करने की मांग विशेष उल्लेख के जरिये की।

ब्रजेन्द्र

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 14, 2022 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).