देश की खबरें | ‘गैर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रावधान हो’

नयी दिल्ली, 19 सितंबर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित विधेयक पर महिला कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कहा कि गैर राजनीतिक पृष्भूमि की महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रावधान होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में आरक्षित 33 प्रतिशत सीट पर राजनीतिक प्रभाव वाले परिवारों की महिलाओं का दबदबा रहता है।

सरकार ने मंगलवार को लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं एक तिहाई आरक्षण देने संबंधी विधेयक पेश किया।

महिला अधिकार कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने कहा कि आरक्षण को 33 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "पिछले नौ वर्षों के दौरान महिलाओं को और अधिक हाशिए पर धकेल दिया गया है। नीतिगत स्तर पर महिलाओं की समान संख्या होना महत्वपूर्ण है।"

अधिवक्ता शिल्पी जैन ने कहा कि अगर महिलाएं उसी परिवार से होंगी जहां पुरुष सदस्य राजनीति में हैं तो महिलाओं के उत्थान का उद्देश्य विफल हो जाएगा।

उन्होंने कहा, "उन महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रावधान होना चाहिए जो राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं हैं, अन्यथा उद्देश्य विफल हो जाएगा।"

पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक पूनम मुत्तरेजा ने कहा, "संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जो लैंगिक समानता और सार्वजनिक निर्णय लेने में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिबिंब होगा।"

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