विदेश की खबरें | फ्रांस में हमलावर का मुकाबला करने वाले युवक की हो रही है भूरि-भूरि प्रशंसा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फ्रांस के आल्प्स क्षेत्र में इस चाकू हमले में 22 महीने से तीन साल के चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये थे और दो युवा भी जख्मी हुए थे।

जब हमलावर ने चाकू से हमला किया तब हेनरी की पीठ पर एक भारी बैग था और उसके हाथ में भी एक बैग था। अपने ऊपर हमला होने के बाद भी हेनरी खेल के मैदान में हमलावर का सामना करता रहा। एक बारगी तो वह हमलावर को अपना एक बैग फेंककर मारता है और फिर उसे उठाकर दूसरा वार भी करता है।

हेनरी के पिता फ्रांकोइस ने कहा कि वह मानते है कि उनके बेटे के जुझारूपन के कारण ही हमलावर और लोगों को अपना शिकार नहीं बना पाया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने कहा, ‘‘उसके (हेनरी के) पास हथियार नहीं था, उसके पास केवल बैग थे, तब भी उसने बहुत जोखिम लिया।’’

संदिग्ध हमलावर 31 वर्षीय एक सीरियाई शरणार्थी है।

उधर, हेनरी ‘नायक’ कहे जाने से थोड़ा शर्मा जाता है। उसने कहा कि उसने तो ‘‘वही करने की कोशिश की जो सभी फ्रांसीसियों को करना चाहिए या करेंगे।’’

उसने बीएफएमटीवी से कहा, ‘‘उस पल, आप अपना दिमाग दौड़ाइए और हैवान से भिड़ जाइए। बिना उससे टकराये वह सब देखना मेरे लिए संभव नहीं था।’’

इस बीच फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने कहा कि सभी चार बच्चों की जान पर बन आये जख्मों को लेकर सर्जरी की गयी और वे चिकित्सकों की सतत निगरानी में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनकी स्थिति स्थिर है।’’

सरकारी प्रवक्ता और पेशे से चिकित्सक ओलिवियर वेरान ने कहा कि दो बच्चों की हालत गंभीर है।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी के साथ घायलों से मिलने अस्पताल गये। इस अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों के खेल के मैदान में हुए इस हमले की मंशा का अबतक पता नहीं चल पाया है।

वेरान ने बताया कि संदिग्ध हिरासत में है और मनोचिकित्सक उसकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। वह स्वीडेन में शरणार्थी है।

चौथे घायल बच्चे का पड़ोसी स्विटरजरलैंड के जिनेवा में इलाज चल रहा है। जो बच्चे घायल हुए हैं उनमें दो फ्रांसीसी है, जबकि एक ब्रिटिश और एक डच नागरिक है।

अधिकारियों के अनुसार हमले में बालिगों को भी गंभीर जख्म हुए हैं। उनमें एक को चाकू और पुलिस की गोली भी लगी है। पुलिस जब हमलावर को पकड़ रही थी तब यह व्यक्ति गोली की चपेट में आ गया।

पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो दो बालिग व्यक्ति घायल हुए हैं, उनमें एक पुर्तगाल का नागरिक है।

फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध को फ्रांस में शरण नहीं दिया गया, क्योंकि उसे स्वीडन ने पहले ही स्थायी ‘रेसीडेंसी’ और शरणार्थी का दर्जा दे दिया था।

मुख्य अभियोजक लाइन बोनने मैथिस ने कहा कि हमलावर की मंशा का पता नहीं चला है, लेकिन यह आतंकवाद संबंधी हमला नहीं जान पड़ता है।

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